शिकोहाबाद। नारायण डिग्री कॉलेज में छात्राओं के यौन उत्पीड़न के मामले में पुलिस की जांच ठंडे बस्ते में है। आरोपी विभागाध्यक्ष ने महाविद्यालय प्राचार्य को अपने बयान दर्ज कराए हैं, लेकिन पुलिस अब तक किसी भी पक्ष के बयान दर्ज नहीं कर सकी है। ऐसे में इस प्रकरण की हकीकत अब तक सामने नहीं आ सकी है।
महाविद्यालय की एमएससी द्वितीय सेमेस्टर की छात्राओं के यौन उत्पीड़न का मामला एक गुमनाम पत्र के माध्यम से जिला एवं पुलिस प्रशासन के संज्ञान में आया था। जिला स्तरीय अधिकारियों ने डीआईओएस समेत पुलिस विभाग के अधिकारियों को भी इस मामले की जांच-पड़ताल करने के निर्देश दिए थे। इसके चलते पुलिस ने महाविद्यालय में नोटिस चस्पा कर छात्राओं एवं आरोपी विभागाध्यक्ष को बयान दर्ज कराने की मोहलत दी थी। पुलिस द्वारा दी गई मोहलत समाप्त हो गई, लेकिन अब तक इस मामले में पुलिस के हाथ खाली हैं। हालांकि आरोपी विभागाध्यक्ष कई दिनों तक महाविद्यालय में भी गैरहाजिर थे। कुछ दिनों पूर्व ही उन्होंने महाविद्यालय में प्राचार्य के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए हैं। बावजूद इसके थाना पुलिस छात्राओं के यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी विभागाध्यक्ष के बयान दर्ज नहीं कर सकी है। ऐसे में इस पूरे प्रकरण की हकीकत सामने नहीं आ सकी है।
थाना पुलिस द्वारा महाविद्यालय में नोटिस चस्पा किया गया था। बावजूद इसके कोई पक्ष सामने नहीं आया है। पुलिस गुमनाम पत्र के आधार पर आरोपी विभागाध्यक्ष से जल्द पूछताछ करेगी।
प्रवीण कुमार तिवारी, सीओ, शिकोहाबाद