फिरोजाबाद। हवा चलने के साथ ही सर्दी में इजाफा हो गया। सर्दी के कारण जहां बाजार समय से पहले बंद होना शुरू हो गए। वहीं सर्दी से बचने के लिए लोग नगर निगम के रैन बसेरों में सोने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हो गई है। बृहस्पतिवार को हर किसी को धूप का इंतजार रहा।
पहाड़ी क्षेत्र में बर्फवारी के साथ-साथ हवा चलने के कारण दिसंबर माह का तीसरा सप्ताह बीतने के साथ सर्दी में बढ़ोतरी हो गई। हर कोई सर्दी से बचाव का इंतजाम करने में जुट गया। स्कूल-काॅलेज में जाने वाले छात्र-छात्राएं सर्दी से बचाव का पूरा इंतजाम करके घरों से निकल रहे है। इधर शहर के सार्वजनिक स्थलों पर सर्दी से बचने के लिए लोग कूड़ा कचरा जलाकर तापने को मजबूर हैं। क्यों कि हीटर रैन बसेरों के आसपास होने के कारण गरीब रिक्शा एवं बेसहारा लोग वहां नहीं पहुंच पाते हैं। हालांकि खुले आसमान के नीचे सोने वाले गरीब तबके के लोगों का रुख रैन बसेरों की ओर हो गया। क्यों कि नगर निगम की ओर से बस स्टैंड के साथ-साथ रेलवे स्टेशन व ओवरब्रिज के नीचे कोटला चुंगी चौराहे पर रैन बसेरा की स्थापना कर दी है।
सरकारी कार्यालयों में भी कर्मचारियों ने सर्दी से बचने के लिए हीटरों को जलाना प्रारंभ कर दिया है। कुछ कर्मचारी बाहर खड़े होकर धूप सेंकते दिखाई दिए। लोगों का कहना है कि दिसंबर माह के अंत में सर्दी काफी तेजी से बढ़ जाएगी।
सर्दी बढ़ने के साथ किसान चिंतित
सर्दी बढ़ने के साथ ही आलू उत्पादक किसानों की चिंता बढ़नी प्रारंभ हो गई है। क्यों कि लगातार एक पखवाड़े तक यदि लगातार मौसम में नमी रही तो आलू की फसल में झुलसा रोग लगने की संभावना है। हालांकि कृषि वैज्ञानिकों की ओर से आलू उत्पादक किसानों को रोग से बचाव संबंधी जानकारी दी जा रही है।