शासन के मुख्य सचिव आलोक रंजन के निर्देशन में जिले के विकास की वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से बिंदुवार समीक्षा की गई। शौचालय निर्माण के लिए प्रशासन द्वारा किए जा रहे कैंपेन की सराहना की। वहीं मनरेगा में प्रगति सुधारने पर जोर दिया। राजस्व वसूली की समीक्षा के साथ 50 लाख से बड़ी योजना की प्रगति के बारे में जाना। ऐसे में सुबह से शाम तक विकास भवन स्थित एनआईसी कक्ष में गहमागहमी की स्थिति बनी रही।
प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन की अध्यक्षता में सोमवार को जिले की विकास की समीक्षा की गई। वीडियो कांफ्रेसिंग से समीक्षा के लिए जिला प्रशासन ने पहले से तैयारी कर ली थी। डीएम विजय किरन आनंद, सीडीओ सुजीत कुमार, पीडी डीआरडीए सर्वेश चंद्र यादव, एपीओ प्रवीन कुमार के साथ अन्य जिले के अधिकारी मौजूद थे। लोहिया ग्रामीण आवास योजना के साथ मनरेगा योजना एवं राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम की समीक्षा की गई। जिले की मनरेगा योजना में प्रगति ठीक होने पर सराहना की वहीं आधार कार्ड की फीडिंग में पीछे होने पर सुधार की हिदायत दी।
शौचालय निर्माण की समीक्षा के दौरान शासन ने फीरोजाबाद जिले में खुले में शौचमुक्त करने को चलाए जा रहे अभियान को सराहा साफ कहा कि ऐसे प्रयास होने चाहिए। राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम्य विकास योजना, आम आदमी बीमा योजना, कृषक दुर्घटना बीमा योजना, राजस्व वादों के निस्तारण, राजस्व न्यायालयों के कंप्यूटूीकरण, शुल्क प्रति पूर्ति, महिला सम्मान कोष क्रियान्वयन, मल्टी सेक्टोरियल डवलपमेंट प्लान के साथ सर्व शिक्षा अभियान की समीक्षा की। स्वास्थ्य, विद्युत विभाग के साथ पूर्ति विभाग के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन की विस्तार से समीक्षा की। प्रमुख सचिव ने ट्रांसफार्मर खराब होने पर 72 घंटे के अंदर बदलने के आदेश दिए।
समय के साथ बदलते रहे अफसर
विकास भवन प्रांगण में वीडियो कांफ्रेसिंग के दौरान समय के साथ अफसरों की टीम बदलती रही। डीएम विजय किरन आनंद एवं सीडीओ सुजीत कुमार कांफ्रेसिंग हॉल में मौजूद रहे लेकिन अन्य विभागों के अधिकारी आते और जाते रहे। इसका प्रमुख कारण एक साथ सभी अफसरों के बैठने की व्यवस्था नहीं होना था।
डीएम ने लगाई दूरसंचार अफसरों की क्लास
शासन के मुख्य सचिव आलोक रंजन द्वारा सीधे विकास कार्यों की वीडियो कांफ्रेसिंग से समीक्षा के दौरान नेट की कनेक्टिविटी बार-बार गायब हो रही थी। इस पर डीएम विजय किरन आनंद का पारा हाई हो गया। उन्होंने पहले एनआईसी के प्रभारी की क्लास लगाई। इस पर उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह से दो लाइन खराब है। शिकायत के बाद भी दूरसंचार विभाग के अफसरों ने सुधार नहीं किया। इसके बाद डीएम ने बीएसएनएल के एसडीओ को कड़ी फटकार लगाई। स्पष्ट कहा कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त ही नहीं की जाएगी। डीएम की सख्ती के बाद आखिर संचार विभाग के अफसरों ने तत्काल लाइन सुधारी। हालांकि डीएम को एनआईसी कक्ष को बदलने को विवश होना ही पड़ा।