सचिव सिंचाई एमपी अग्रवाल लोहिया गांव लभौआ में उस समय दंग रह गए जब सचिव सतेंद्र कुमार मनरेगा श्रमिकों की संख्या तक नहीं बता सके। बीडीओ उमारानी कुलश्रेष्ठ कई सवालों का जवाब नहीं दे सकीं। ग्रामीणों को सिलाई मशीन दिलाने के नाम पर सौ-सौ रुपये वसूलने की शिकायत पर सचिव ने जांच एसडीएम शिकोहाबाद को सौंपी।
शासन की ओर से जिले कि विकास कार्यों की जांच के लिए नोडल अधिकारी बनाए गए सचिव सिंचाई एमपी अग्रवाल दोपहर को आए। वह शिकोहाबाद ब्लाक के लोहिया गांव लभौआ के विकास कार्यों का स्थलीय सत्यापन करने पहुंचे। सचिव ने गांव में पहुंचते ही पहले बनी सीसीयुक्त गलियों का निरीक्षण किया। हैंडपंप को चलाकर देखा तो ग्रामीणों ने बताया कि ठीक कराया था परंतु पानी देना बंद कर दिया। कई महिलाएं एक साथ हाथ में लाल पर्ची थामकर पहुंची।
महिलाओं का कहना था कि मैनपुरी से कुछ लोग आए, सौ-सौ रुपये जमा कराए बोले सिलाई मशीन दी जाएगी और प्रशिक्षण भी मिलेगा परंतु मशीन अभी तक नहीं मिली बल्कि ग्रामीण बैंक आर्यावर्त से उनके नाम से ऋण निकाल लिया। सचिव ने डीएम विजय किरन आनंद से जानकारी की तो उन्होंने कहा कि अभी तक संज्ञान में नहीं आया। एसडीएम शिकोहाबाद को जांच के आदेश दिए। स्कूल प्रांगण में पहुंचे तो बुजुर्ग महिलाएं भी साक्षरता की किताबें हाथ में थामे खड़ी दिखाई दीं।
उन्होंने बीडीओ उमारानी कुलश्रेष्ठ से मनरेगा योजना के संबंध में जानकारी प्राप्त की तो वह जवाब नहीं दे सकीं। सचिव सतेंद्र मनरेगा श्रमिकों में कितनी महिला तथा कितने पुरुष हैं यह तक नहीं बता सके। सीडीओ सुजीत कुमार, पीडी सर्वेशचंद्र यादव, एसडीएम रवींद्र सिंह, डीपीआरओ इंद्रपाल यादव, डीडीओ आरके राम सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।