फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रजिस्ट्रेशन के दौरान जलकल विभाग में आटो चालकों का हंगामा, नारेबाजी

विज्ञापन
जलकल विभाग में एकत्रित हुए ऑटो चालकों को भाग नक़लिने के दौरान मुख्य गेट को बंद कराकर ऑटो चालकों क? - फोटो : FIROZABAD
विज्ञापन
फिरोजाबाद। नगर निगम अधिकारियों द्वारा नगर निगम की सीमा में संचालित होने वाले आटो का पंजीकरण किए जाने पर आटो चालकों ने विकास वाल्मीकि के नेतृत्व में जमकर हंगामा किया। नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जलकल विभाग धरने पर बैठ गए। जलकल विभाग के गेट को भी बंद कर दिया गया। टैंकर और दूसरी शिफ्ट के लिए निकल रहे कूड़े के वाहनों को भी जलकल विभाग से बाहर नहीं निकले दिया।
विज्ञापन

आटो चालक विजय कुमार, प्रयांशु कुमार, सुरेश चंद्र आदि ने कहा कि परिवहन विभाग में टैक्स जमा करने के बाद वह सड़कों पर अपने आटो चला रहे है। फिर भी नगर निगम के अधिकारी उनका शोषण करने के साथ ही पांच सौ रुपये की रसीद काट रहे हैं। आटो चालकों को समझाने के लिए नगर निगम के अधिकारी काफी प्रयास करते रहे लेकिन आटो चालकों का नेतृत्व कर रहे विकास वाल्मीकि का कहना था कि आटो चालकों के खड़े होने के लिए नगर निगम द्वारा कहीं पर भी व्यवस्था नहीं की है। नगर निगम की रसीद नहीं कटाएंगे। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद जब नगर निगम के अधिकारी मामले को शांत नहीं कर सके तो थाना उत्तर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आक्रोशित आटो चालक और विकास वाल्मीकि को समझाकर मामले को शांत करा दिया। तब कहीं जाकर नगर निगम अधिकारियों ने छह आटो के रजिस्ट्रेशन किया।
आटो चालकों ने लगवाया पिटाई का आरोप
जलकल विभाग में नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर रहे आटो चालकों ने प्रवर्तन दल के जवानों पर पिटाई करने का आरोप लगाया। आटो चालक जगन्नाथ शर्मा ने कहा कि वह आटो लेकर सुभाष तिराहा की तरफ जा रहा था तभी प्रवर्तन दल के जवानों ने आटो को रोक लिया। सवारियां उतारकर आने की कहने पर उसकी पिटाई की गई। वहीं सुरेश चंद्र शर्मा ने भी प्रवर्तन दल के जवानों द्वारा पिटाई करने का आरोप लगाया।
विज्ञापन

नगर निगम की सीमा में संचालित आटो चालकों से पांच सौ रुपये लेकर रजिस्ट्रेेशन किया जा रहा था। तभी विकास वाल्मीकि वहां पहुंचे और विरोध किया। इस बीच आटो चालकों द्वारा गेट भी बंद कर दिया गया था। जिसको खुलवाने के साथ ही समझाकर मामले को शांत करा दिया। छह आटो चालकों का रजिस्ट्रेशन किया गया है। प्रवर्तन दल के जवानों ने किसी भी आटो चालकों के साथ मारपीट नहीं की। मारपीट का आरोप पूरी तरह से निराधार है।
विज्ञापन

छकौडी लाल - प्रभारी लाइसेंस व टैक्स विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें