क्रिसमस डे की पूर्व संध्या पर सेंट जॉन्स स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सजाई गई भव्य झांकी
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फिरोजाबाद। सेंट जोंस स्कूल स्थित चर्च में क्रिसमस की पूर्व संध्या पर कार्यक्रमों का आयोजन देर रात्रि तक चला। ईसाई समाज के लोगों ने प्रार्थना की। जिंगल बेल-जिंगल बेल सहित अन्य क्रिसमस के गीत गूंजे। केक काटकर एक दूसरे को क्रिसमस की बधाई दी।
क्रिसमस से एक दिन पूर्व सेंट जोंस स्थित चर्च विद्युत रोशनी से जगमगाता दिखा। चरख की आकर्षक झांकी सजाई गई, यहां प्रभु यीशु ने जन्म लिया। बृहस्पतिवार को शाम छह बजे से क्रिसमस के गीत गाए गए। उत्साहित होकर ईसाई समाज के लोगों ने गीत गाए। वहीं, फादर जोसेफ शाहजी ने प्रार्थना कराई। ईसाई समाज के लोगों ने प्रभु यीशु से दुनिया में शांति कायम रखने की प्रार्थना की। चर्च परिसर में सजाई गई झांकी में प्रभु यीशु के बाल रूप से स्थापित किया। देर रात केक काटकर बधाई दी गई। वहीं, सेंटा ने बच्चों को उपहार और चॉकलेट प्रदान की। इस दौरान फादर प्रवीन, मयंक भटनागर, सिस्टर मैक्सी, सिस्टर कविता आदि उपस्थित रहे।
फिरोजाबाद। रात्रि 12 बजते ही क्रिसमस की बधाई गूंजती रही। सोशल मीडिया पर क्रिसमस गीत और सेंटा क्लॉज छाए रहे। एक दिन पूर्व ही क्रिमसम के केक बेकरी पर खूब बिके। वहीं, रेस्टारेंट और होटल पर भी सजे दिखे।
प्रभु यीशु के जन्म के साथ ही गूंजने लगे गिरजाघरों के घंटे
टूंडला। सोमवार मध्यरात्रि 12 बजे प्रभु यीशु के जन्म के साथ ही नगर गिरजाघरों के घंटों से गूंज उठा। ईसाइयों द्वारा विशेष प्रार्थना सभा की गई। केक काटकर एक दूसरे को बधाइयां दी। इस मौके पर घर-घर में क्रिसमस-ट्री सजाया गया। इस पर्व को लेकर बच्चों में विशेष उत्साह रहा। ईसाई समुदाय के लोगों ने जमकर आतिशबाजी की।
लोगों ने सेंटा क्लॉज बनकर बच्चों को उपहार बांटे। फादर जिप्सन पलाटी ने बताया कि क्रिसमस-डे पर प्रभु यीशु का जन्मोत्सव मनाया जाता है। यह दिन ईसाई समुदाय के लिए विशेष महत्व का दिन होता है।