फिरोजाबाद। पांच साल तक के बच्चे वायरल और खांसी की चपेट में आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञों की ओपीडी में ऐसे मरीज दोगुने हो गए हैं। बुखार बच्चों की सेहत को बिगाड़ रहा है। तीन से चार दिन में तापमान नियंत्रित हो पा रहा है। वहीं, खांसी एक सप्ताह तक भी पीछा नहीं छोड़ रही। आंखों में पानी और कान में दर्द बच्चों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।बाल रोग विभाग की ओपीडी 120 से 150 मरीज पहुंच रहे थे। मंगलवार को 250 के पार ओपीडी रही। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एलके गुप्ता ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर बीमार बच्चों की संख्या बढ़ी है। दवा देने के तीन से चार घंटे में फिर बुखार 100 या इससे अधिक पहुंच रहा है। वायरल बुखार ही बच्चों को सबसे अधिक परेशान कर रहा है। उन्होंने बताया कि बीमार बच्चों को घर पर अपनी मर्जी से दवाएं न दें, क्यों कि यह नुकसानदायक हो सकता है।
उन्होंने बताया कि बहुत ज्यादा जरूरत पड़ने पर ही एंटीबॉयोटिक दवा दी जा रही है। पैरासिटामोल से भी बच्चे ठीक हो रहे हैं। खांसी अधिक होने के कारण सांस की नली में सूजन बन रही है, जिसके चलते बच्चों को सांस लेने में भी समस्या हो रही है। ऐसे बच्चों को भाप दिलाने की सलाह दी जा रही है, साथ ही दवाएं भी दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बुखार के साथ-साथ बच्चों की आंखों में पानी और कान में दर्द की परेशानी भी आ रही है। जिन बच्चों को जुकाम है, ऐसे बच्चों में ये बीमारियों अधिक मिल रही हैं।
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बच्चों में मिल रहे ये लक्षण
-अचानक तेज बुखार होना।
-आंखों से पानी आना, कान में दर्द होना।
-खांसी के कारण छाती में दुखन, सांस की नली में सूजन।
-सोने और खाने में बच्चों को हो रही परेशानी।
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इन दिनों बच्चों में बुखार, जुकाम ज्यादा फैल रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ ओपीडी में ऐसे बच्चों को बेहतर उपचार दे रहे हैं। अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं।डॉ. नवीन जैन, सीएमएस मेडिकल कॉलेज