सिरसागंज तहसील के स्वरूप में बदलाव की कवायद प्रशासन ने शुरू कर दी है। विरोध के सुरों को ध्यान में रखते हुए शासन ने प्रस्ताव में कुछ और बदलाव के निर्देश दिए हैं। जसराना ब्लाक के गांवों को शिकोहाबाद तहसील में नहीं जोेड़ा जाएगा। सदर में आने वाले जसराना के गांव शिकोहाबाद तहसील में शामिल होने की उम्मीद है। अधिकारी व स्टाफ इसी पर मंथन करते रहे।
सिरसागंज को तहसील का दर्जा देने की मांग लंबे अर्से से चल रही थी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जिले में आने के दौरान सिरसागंज को तहसील का दर्जा देने की घोषणा की उम्मीद थी। शासन ने पिछले दिनों जिला प्रशासन से प्रस्ताव मांगा था। राजस्व परिषद को यह प्रस्ताव जिला प्रशासन ने भेजा। सिरसागंज तहसील में शिकोहाबाद के 215 गांवों को शामिल किया था। पुरानी तहसील में 73 गांव शेष बचे। इनकी पूर्ति जसराना तहसील के 80, सदर के 16 गांवों को मिलाकर होनी थी। वहीं सदर में 13 गांव जसराना के शामिल करने का प्रस्ताव था। सिरसागंज के तहसील के इस स्वरूप का विरोध काफी तेज हो गया था। सदर तहसील, जसराना एवं शिकोहाबाद तहसील के साथ ग्राम प्रधान तक ने विरोध करना शुरू कर दिया था। इस विरोध के कारण ही शासन ने तहसील का दोबारा से प्रस्ताव मांगा है। प्रशासन के सूत्रों की माने तो जसराना ब्लाक के किसी गांव को शिकोहाबाद तहसील का हिस्सा नहीं बनने दिया जाएगा। इनमें बनवारा, उतरारा, सेउड़ा के साथ कुछ अन्य गांव शामिल हैं। इनके लिए दोबारा से मंथन शुरू हो गया है। वहीं सदर तहसील में शामिल होने वाले 13 गांव अब शिकोहाबाद तहसील में जाएंगे। सूत्र बताते हैं कि अरांव एवं मदनपुर क्षेत्र के गांवों को ही शामिल किया जा रहा है।