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चंद्रमा को अर्घ्य देकर,छलनी से निहारा चांद

Thu, 20 Oct 2016 12:11 AM IST
Amar Ujala
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चंद्रमा को अर्घ्य देकर,छलनी से निहारा चांद - फोटो : Amar Ujala
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सोलह श्रंगार कर किया करवाचौथ पूजन,कथा भी सुनाई
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पति की दीर्घायु की कामना,पतियों ने दिया सरप्राइज गिफ्ट
करवाचौथ को निर्जला व्रत रखने के बाद महिलाओं ने चंद्रमा की पूजा अर्चना के साथ पति की दीर्घायु की कामना की। पूजा अर्चना के लिए शाम सात बजे से ही महिलाओं को चंद्रमा के दर्शन का इंतजार करना शरू कर दिया था। चंद्रमा के दर्शन छलनी की ओट से करने के साथ पति को निहारा और फिर पानी पीकर व्रत तोड़ा।
सुहागिनें पिछले कई दिनों से करवाचौथ व्रत की तैयारी में जुटी थी।  करवाचौथ के दिन तो सुबह से निर्जला व्रत रखा था। जिन घरों में सास अथवा दादी सास थीं वह पुत्रबधू एवं पौत्रबधुओं को करवाचौथ पर्व का महत्व समझा रहीं थी। बच्चों एवं पुरुषों के लिए तो अलग से खाना बनाया था। पूजा की तैयारी अपराह्न से शुरू हो गई। करवा को शुभ का चिह्न बनाकर सजाने के साथ जल भरने एवं पूजा की थाली सजाकर रख ली थी। सोलह श्रंगार करने के साथ सूर्याश्त होने के साथ हर सुहागिन को चांद के दीदार का इंतजार था। साढ़े सात बजे से परिवार की महिलाएं व बच्चे छतों पर दिखाई दे रहे थे। हर कोई चांद निहारने को जुटा था। बच्चे धमाचौकड़ी मचा रहे थे। पटाखे चला रहे थे। करीब 8.27 बजे पूरब की दिशा से जैसे ही चांद दिखाई दिया सुहागिनें अर्घ्य देने में जुट गई। पूजा की इस करवाचौथ व्रत की कहानी सुनाई। और पति परमेश्वर को छटनी के ओट से ही निहारा। पैर छूकर आशीर्वाद लिया। पति भी पत्नियों को इस मौके पर सरप्राइज गिफ्ट देना नहीं भूले। कोई तो साड़ी साथ लाया तो किसी ने दमकती अंगूठी पहना दी। परिवार के बुजुर्ग भी इस त्योहार में खुशी से शामिल हुए। बच्चों ने भी खूब हंसी-ठिठोली की।
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दिन में भीड़,शाम को जल्दी बाजार हुआ बंद
करवाचौथ का व्रत रखने के कारण दिन में बाजार में काफी भीड़ रही। क्योंकि कोई पत्नी के लिए गिफ्ट की खरीददारी कर रहा था तो कोई कुछ। वहीं शाम को हरकोई पत्नी का व्रत खुलवाने को घर पहुंच गया। यही बजह रही कि बाजार भी समय से पहले बंद हो गया।
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खूब चली आतिशबाजी
चंद्रमा को निकलने के साथ ही बच्चों ने आंतिशबाजी खूब चलाई। कोई सीता-गीता तो कोई अन्य पटाखों को चला रहा था। शाम को सुहागनगरी में इसी तरह का नजारा ही देखने को मिला।
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