मधुवन डेयरी के दूध में कीड़े पड़े थे। दूध में गंदगी भी खूब थी, बावजूद इसके खाद्य विभाग के अधिकारी उसका सैंपल नहीं भर सके। डेयरी संचालक ने सैंपल भरने आई टीम का विरोध कर दिया।
उसकी हेकड़ी के आगे अधिकारियों बौने पड़ गए। घटना के बाद में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने डेयरी संचालक के खिलाफ अपने यहां मुकदमा दर्ज करने की औपचारिकता पूरी कर ली। टीम फोर्स बुलाकर सैंपल लेने का साहस नहीं दिखा सकी।
मंगलवार को नगला करन सिंह, कोटला रोड़ स्थित मधुवन डेयरी पर खाद्य विभाग की टीम सैंपल के लिए पहुंची। डेयरी पर एक ड्रम में लगभग 200 लीटर दूध था। इसमें कूड़ा व मरे हुए कीडे़ तैर रहे थे।
दूध में बर्फ भी पड़ी हुई थी। टीम ने जांच के लिए नमूना लेने का प्रयास किया लेकिन डेयरी स्वामी राजू यादव ने नमूना लेने की कार्रवाई का विरोध किया। खाद्य विभाग की टीम से काफी नोकझोंक हुई। डेयरी संचालक के विरोध के कारण टीम नमूना नहीं भर सकी। वहां से खाली हाथ लौटी टीम ने अपने यहां खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम की धारा 62 के अंतर्गत मुकद्मा दर्ज कर लिया। इस धारा में दोषी साबित होने पर तीन माह के कारावास के साथ एक लाख रूपये के जुर्माने का प्रावधान है। वहीं दूध में कीड़े एवं बर्फ आदि पड़े होने का सैंपल लिया जाता और प्रयोगशाला की रिपोर्ट भी उस पर अपनी मुहर लगा देती तो दोषी को पांच लाख रुपये का अर्थदंड के साथ छह माह तक का जेल की सजा हो सकती थी।