पंचायत चुनाव के चलते स्कूल की वित्तीय व्यवस्थाओं पर ग्रहण लग गया है। स्कूल के खातों में जमा धनराशि की गांव में प्रधान न होने के कारण उसकी निकासी नहीं हो पा रही है। एमडीएम भी स्कूलों में नहीं परोसा जा रहा है। व्यवस्थाओं को सुचारु रखने के लिए डीएम ने धन निकासी के लिए अब प्रधान की जगह प्रबंध समिति के अध्यक्ष को जिम्मेदारी सौंपी है।
पंचायत चुनाव के कारण शिक्षा व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। वहीं परिषदीय स्कूलों में वितरण होने वाले मध्याह्न भोजन पर भी ग्रहण लग रहा है। इसके साथ ही अन्य वित्तीय मामले भी गड़बड़ा रहे हैं। पंचायत चुनाव होने से पहले ही गांव प्रधान के अधिकार समाप्त कर दिए गए। बैंक में जमा धनराशि प्रधान और स्कूल प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर से ही संभव है। अब डीएम विजय किरन आनंद ने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। नए आदेश के अनुसार प्रबंधक समिति अध्यक्ष और प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर से धनराशि निकाली जा सकेगी। उन्होंने सभी एबीएसए को आदेश जारी किए हैं कि पूर्व ग्राम प्रधान के पास अवशेष खाद्यान्न की मात्रा और परिवर्तन लागत की धनराशि को विद्यालय समिति को तत्काल हस्तांतरित कराना सुनिश्चित करें।
एमडीएम वितरण खातों से धनराशि नहीं निकल पाने के कारण परेशानी आ रही थी। हालांकि वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर डीएम ने आदेश जारी किए हैं कि प्रबंध समिति अध्यक्ष भी खातों का संयुक्त रूप से संचालन करें।
बालमुकुंद प्रसाद
बीएसए, फीरोजाबाद