फिरोजाबाद। लगातार बदलता मौसम बच्चों के लिए परेशानी लेकर आया है। मौसम में बदलाव से बच्चों में वायरल इंफेक्शन के साथ ही वायरल और बैक्टीरियल डायरिया भी फैल रहा है। मेडिकल कॉलेज सहित निजी अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की भीड़ सामान्य परीक्षण के लिए पहुंच रही है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में ऐसे मरीजों में 40 प्रतिशत नवजात बच्चे वायरल इंफेक्शन से ही बीमार हो रहे हैं। सोमवार को मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग की ओपीडी में 311 से ज्यादा मरीज पहुंचे। स्वशासीय मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. एलके गुप्ता बताते हैं कि तीन से पांच वर्ष तक के बच्चों में वायरल इंफेक्शन की वजह से इस समय उनका गला सबसे ज्यादा खराब हो रहा है। इससे उन्हें खांसी और खरास की समस्या हो रही है। इसके साथ बुखार भी आ रहा है। इसी के साथ एक से तीन वर्ष तक के बच्चों में सबसे ज्यादा समस्या डायरिया की हो रही है। अमूमन इन दिनों बैक्टीरियल डायरिया होता था, मौसम के बदलाव की वजह से बच्चों में वायरल डायरिया भी आ रहा है। या फिर यूं कहें कि एक से तीन साल तक के बच्चों में मिक्स डायरिया की शिकायत है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में ऐसी सामान्य बीमारी से पीड़ित नवजात सहित बाल मरीजों का परीक्षण कर उपचार किया जा रहा है। जो मरीज गंभीर थे, उन्हें अस्पताल में भर्ती कर दिया गया।
कैसें करें बचाव
डाॅक्टरों के अनुसार सबसे पहले बच्चों को बाहरी भोजन से बचाएं, पहली उल्टी और पहला दस्त होने के बाद से ही बच्चों को ओआरएस का घोल देना शुरू कर दें। इससे वह डिहाइड्रेशन से बच जाएंगे। समय-समय पर उनके हाथ धुलाते रहें। अधिकांश माता-पिता बच्चों के बीमार होने पर उनका दूध और खाना पीना बंद करा देते हैं। मगर ऐसा नहीं करना हैं। बच्चों को खाना और दूध देते रहें। सबसे महत्वपूर्ण हाइजीन का ध्यान रखें।