समाजवादी पार्टी के ब्लाक प्रमुख द्वारा फीरोजाबाद के एक उद्योगपति की जमीन पर जबरन कब्जा करने, उद्योगपति से दस लाख रुपये की चौथ मांगने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। उद्योगपति ने ब्लाक प्रमुख व उनके पुत्र सहित चार लोगों के विरुद्ध थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी है। पूर्व में भी एक क्षेत्र पंचायत सदस्य के पिता को घर से उठवाने एवं जबरन रुपये वसूलने के मामले में ब्लाक प्रमुख सुर्खियों में रहे थे।
फीरोजाबाद के थाना उत्तर अंतर्गत विभव नगर निवासी उद्योगपति मेहुल गोयल पुत्र प्रमोद बिहारी गोयल का गांव जरौलीकलां स्थित खसरा संख्या 704 रकवा .362 हेक्टेयर जमीन उनके और उनकी मां सरोजदेवी गोयल के नाम दर्ज है। उनकी जमीन के पास स्थित श्रीनिवास यादव पुत्र वीरसिंह यादव निवासी गांव नगला हंसी के खेत को किराए पर लेकर सपा ब्लाक प्रमुख चरन सिंह यादव उर्फ बाबा ने इंटरलॉकिंग ईंट का प्लांट लगाया है। आरोप है कि ब्लाक प्रमुख ने जबरन उनकी बाउंड्री तोड़ कर ईंटों को उनकी जमीन में रख लिया है।
जब उन्होंने विरोध किया तो जमीन खाली कराने के नाम पर उनसे 10 लाख रुपये की चौथ मांगी गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि 30 अप्रेल दोपहर करीब दो बजे ब्लाक प्रमुख चरन सिंह बाबा अपने पुत्रों व अन्य के साथ हथियारों के आए और 10 लाख रुपये की चौथ मांगने लगे। रुपये न देने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर ब्लाक प्रमुख चरन सिंह बाबा, उनके पुत्र प्रेमपाल सिंह, हरेंद्र यादव निवासी गांव उलाऊ खेड़ा व श्रीनिवास निवासी गांव नगला हंसी के विरुद्ध थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी गयी है।
ब्लाक प्रमुख ने कहा थाना प्रभारी की साजिश
ब्लाक प्रमुख चरन सिंह यादव उर्फ बाबा का कहना है कि थाना प्रभारी जसपाल सिंह पवार उन्हें बदनाम करने को झूठे मुकदमें दर्ज करा रहे हैं। थाना प्रभारी विरोधियों से मिले हुए हैं। उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप गलत हैं। जबकि थाना प्रभारी का कहना है कि ब्लाक प्रमुख के आरोप निराधार हैं। ब्लाक प्रमुख ने उद्योगपति की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। दो माह से उन्हें लगातार जमीन खाली करने को समय दिया जा रहा था। खाली न किए जाने पर पीड़ित की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।
पहले भी लगे चुके हैं आरोप
सुर्खियों में रहने वाले ब्लाक प्रमुख पर संगीन आरोप का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी महिला क्षेत्र पंचायत सदस्य के पति को घर से उठवा लिया था। पूर्व में वोट देने के लिए दिए पैसे ब्याज सहित वापस देने न देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। इस मामले पुलिस हस्तक्षेप के बाद पति को छोड़ा गया था।