फिरोजाबाद के नसीरपुर क्षेत्र के जंगलों में लकड़ी तस्करों के बाद अब वन्यजीवों के शिकारियों ने दस्तक दे दी है। बुधवार को गांव रामनगर पटना करखा में संभार प्रजाति का हिरण एक खेत में मृत पाया। उसके सींग काटे गए थे। वन विभाग ने शव पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में लेकर सिरसागंज के पशुचिकित्सालय भेज दिया है। शासन स्तर से मंजूरी के बाद पोस्टमार्टम के लिए तीन पशु चिकित्सकों की टीम गठित की है। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम होगा।
घटनास्थल पर बुधवार को जब ग्रामीणों की भीड़ जुटी, तो वन विभाग को सूचना दी गई। वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए इसे नीलगाय का शव बताते रहे। लेकिन ग्रामीणों की सजगता और मृत जीव की शारीरिक बनावट के तर्कों ने विभाग को बैकफुट पर ला दिया। जांच में पुष्टि हुई कि यह नीलगाय नहीं, बल्कि जंगलों में पाया जाने वाला सांभर प्रजाति हिरण है, जिसके सींगों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी तस्करी होती है। सींगों को घरेलू साज-सज्जा के काम में इस्तेमाल किया जाता है।
इस प्रजाति के सींग ठोस और बेहद मजबूत होते हैं
सांभर हिरण को वन विभाग ने 2023 की सूची में शेड्यूल-1 में डाला है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, सांभर के सींग ठोस और बेहद मजबूत होते हैं, जिनका उपयोग सजावटी सामान, चाकू की मूठ और कथित पारंपरिक दवाओं में किया जाता है। नसीरपुर के जंगलों में सांभर की मौजूदगी इस क्षेत्र की जैव-विविधता का प्रमाण थी, लेकिन शिकारियों की नजर अब इन बेजुबानों की जान पर है।
नसीरपुर जंगलों में ही छीनी गई थी वन कर्मियों से रायफल
यह वही इलाका है जहां कुछ महीने पहले तस्करों ने वन विभाग की टीम को घेरकर उनकी सरकारी रायफलें लूट ली थीं। उस समय हुई ढिलाई का नतीजा अब सामने है। अब तस्कर न केवल पेड़ काट रहे हैं, बल्कि वन्यजीवों का शिकार कर उनके अंग भी गायब कर रहे हैं।