शिमला मिर्च की फसल बर्बादी की कगार पर
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सैकड़ों हेक्टेयर मिर्च की फसल में लगा गलन रोग, दवा का भी असर नहीं
नारखी में शिमला मिर्च की फसल में गलन का रोग लगने से किसान परेशान है। दवा का छिड़काव करने के बाद भी राहत नहीं मिल रही है। किसानों ने जिला प्रशासन से कृषि वैज्ञानिकों की टीम भेजकर मिर्च की बर्बादी के कगार पर खड़ी मिर्च की फसल को बचाने की मांग की है।
फीरोजाबाद जिले में नारखी ब्लाक मिर्च उत्पादन का बड़ा क्षेत्र है। करीब एक हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में शिमला मिर्च की बुवाई होती है। वर्तमान में शिमला मिर्च की फसल में गलन का रोग लगना शुरू हो गया। किसान बचाव को दवा का छिड़काव कर रहे हैं। लेकिन कोई राहत नहीं मिल रही है। इससे किसानों को लाखों की चपत लगेगी। क्योंकि जिस फसल से उन्हें अधिक आय की उम्मीद थी वही बर्बाद होने के कगार पर है। किसान फसल को बचाने को खुद दवा का प्रयोग करने के साथ वैज्ञानिकों की राय ले रहा है लेकिन गलन रुकना के नाम नहीं ले रही है। नारखी क्षेत्र के किसान सत्यपाल सिंह गढ़ी हंसराम आठ बीघा, भूपेंद्र सिंह 16 बीघा, योगेंद्र सिंह 15 बीघा, जितेंद्रपाल सिंह 60 बीघा व राजीव 60, मनोज कुमार 24 बीघा, लाखन सिंह 18 बीघा, संजीव कुमार 30 बीघा, रामनरेश 14 बीघा, लोकेंद्रपाल सिंह 36 बीघा एवं ओमप्रकाश सिंह 31 बीघा फसल में यह रोग लगा है। किसानों ने कहा कि यदि रोग ही नहीं थमा तो वह कर्ज में डूब जाएंगे। किसान योगेंद्र, राम खिलाड़ी, करनपाल सिंह का कहना है कि मिर्च की फसल बर्बाद होना शुरू हो गई। गलाव रोग रुक नहीं रहा है। दवा का असर भी नहीं हो रहा है। वैज्ञानिकों की टीम भेजी जाए ताकि रोग की रोकथाम हो सके।
किसानों ने कोई शिकायत नहीं की है मिर्च की फसल में यदि गलन रोग आया है तो डीएचओ एवं पीपीओ को भेजकर मामले की जांच कराऊंगा। ताकि किसानों को राहत मिल सके।
- देवेंद्र प्रताप सिंह, उप निदेशक कृषि प्रसार फीरोजाबाद।