हाई मेरिट होने के बाद भी नहीं मिला दाखिला, डायट प्रशासन पर मनमानी का आरोप
पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर जाम खुलवाया
काउंसिलिंग कराने के बाद हाई मेरिट होने पर भी कई अभ्यर्थियों को बीटीसी में दाखिला नहीं मिला। डायट प्रशासन की मनमानी के विरोध में महिला एवं पुरुष अभ्यर्थियों ने सोमवार को हंगामा कर कोटला रोड पर जाम लगा दिया। जाम खुलवाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
दाखिला अनुमति पत्र लेने के लिए डायट पर पहुंचे कई जिलों से आए अभ्यर्थियों ने अपनी मेरिट से कम अभ्यर्थियों के नाम एडमिशन सूची में देखे तो उनका पारा चढ़ गया। अभ्यर्थियों का कहना था कि एडमिशन की कट ऑफ मेरिट नहीं निकाली है। मनमाने तरीके से एडमिशन लिए हैं। डायट प्रशासन ने हाई मेरिट होने के बाद भी एडमिशन न होने की वजह स्पष्ट नहीं बताई तो अभ्यर्थियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। बाहर से आए अभ्यर्थियों ने करीब डेढ़ बजे फरिहा-कोटला मार्ग पर जाम लगा दिया। अभ्यर्थी काउंसिलिंग कराने की मांग करते रहे। जाम की सूचना पर तहसीलदार जीत सिंह राय डायट पर पहुंच गए। उन्होंने समझाकर जाम खुलवा दिया। तहसीलदार के जाने के बाद अभ्यर्थी पुन: सड़क पर आ गए। इसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर जाम खुलवा दिया। इस दौरान धक्का-मुक्की में आजमगढ़ से आए अभ्यर्थी संतोष यादव के कपडे़ फट गए। अभ्यर्थियों का कहना है कि पुलिस की पिटाई से एक साथी के चोट लगी तो वह चला गया।
अनेक अनियमितताएं
कानपुर से आईं प्रज्ञासिंह की अनुसूचित महिला वर्ग में मेरिट 191.15 है। उन्हें डायट ने एडमिशन नहीं दिया। जबकि उनकी बहन बेबी गुड़िया की मेरिट 189 है। उन्हें एडमिशन दिया गया है। इसी तरह जनरल श्रेणी में सृष्टि मिश्रा के 198.21 मेरिट है, जबकि जनरल में 191 पर एडमिशन हुए हैं। मैनपुरी के सुनील कुमार की मेरिट 196.5 है। उन्हें दाखिला न मिलने की वजह 194 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले उनके मित्र को एडमिशन मिला है।
डीडी लौटा दो, साल क्यों कर रहे हो खराब ...
जिनके दाखिले नहीं हुए, वह अभ्यर्थी दूसरी जगह एडमिशन पाने के लिए अपने बैंक ड्राफ्ट लौटाने के लिए कहते रहे। उनका कहना था कि डीडी लौटा दो, वरना साल खराब हो जाएगी। लेकिन डायट प्रशासन 25 सितंबर को डीडी लौटाने की बात करता रहा।