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मेडिकल कॉलेज की बर्न यूनिट बेहाल मरीज घर से पंखा लाकर करा रहे उपचार

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मेडिकल कॉलेज के बर्न वार्ड में अपने मरीज के लिए घर से पंखा लाने को मजबूर है मरीज - फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। मेडिकल कॉलेज की बर्न यूनिट में भर्ती मरीज भीषण गर्मी में परेशान हैं। यहां एसी खराब हैं और पंखे हवा नहीं देते हैं। तीमारदार मरीज के लिए घर से पंखा लाने को मजबूर हैं। बर्न वार्ड में मरीजों के लिए एसी का होना जरूरी है, लेकिन यहां मरीज गर्मी में तड़प रहे हैं जबकि लिपिकों के कमरों में एसी लगे हुए हैं।
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अप्रैल माह के तीसरे सप्ताह में गर्मी चरम पर है। सोमवार को मेडिकल कॉलेज में बर्न वार्ड में कुल नौ मरीज भर्ती थे। इसमें कई मरीज तो 60 फीसदी तक झुलसे हुए हैं। चिकित्सकों के मुताबिक, झुलसे हुए मरीजों को वातानुकूलित वार्ड में भर्ती किया जाता है। ताकि ठंडक मिलने पर जल्द ठीक हों। दूसरा पसीना न आने पर संक्रमण की संभावना भी न रहे।
तीमारदार हरीश का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में मरीजों से ज्यादा डॉक्टर और स्टाफ की सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है। स्टॉफ के प्रत्येक कक्ष में एसी लगे हैं। बर्न वार्ड में एक एसी खराब होने पर उसे उतारकर रख दिया है। दूसरा एसी सिर्फ दिखाने के लिए चालू है, वह ठंडक नहीं दे पा रहा है। गर्मी के दिनों में मरीजों को खुजली और जलन का एहसास हो रहा है। मरीजों की परेशानी देखते हुए तीमारदार घर से पंखे लेकर आए हैं।
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विशेषज्ञों का कहना है कि जले हुए मरीजों को स्वच्छ और ठंडे वातावरण में रहने की जरूरत पड़ती है। इसलिए जिस कमरे में उनका इलाज किया जा रहा है, वहां का तापमान भी 22 से 25 डिग्री के बीच होना चाहिए। संक्रमण से बचने के लिए वहां किसी का आनाजाना न हो और कमरे के दरवाजे खिड़की बंद होने चाहिए।
मैने निर्देशित कर दिया है कि जो एसी खराब है, उसे कंडम में डाल दिया जाए और नया एसी लगाया जाए। यदि खराब एसी ठीक हो सकता है तो उसे ठीक करा दिया जाए। मैं दो दिन बाद खुद निरीक्षण करूंगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित पर कार्रवाई होगी।
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डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
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