फीरोजाबाद। दक्षिण कोतवाली थाने के पास सर्राफा व्यवसायी के घर बदमाशों ने दिनदहाड़े डाका डाला। व्यवसायी की पत्नी और पिता के हाथ पैर बांध कर कब्जे में कर लिया। विरोध करने पर पिटाई की गई। जान से मारने की धमकी देते हुए बदमाश आभूषण नकदी ले गए। मोहल्ले में जलनिगम के श्रमिकों के आने पर घटना का पता चल सका।
दक्षिण कोतवाली के मोहल्ला घेर हलवाईयान निवासी पिंकी अग्रवाल पुत्र छोटेलाल अग्रवाल की घंटाघर चौराहा पर छोटेलाल पिंकी ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। गुरुवार सुबह करीब दस बजे पिंकी दुकान पर गए थे। घर पर उनकी पत्नी डौली और पिता छोटेलाल रहे गए थे। छोटेलाल चलने फिरने से भी लाचार हैं। सुबह 11 बजे करीब डौली मकान की तीसरी मंजिल पर कपड़े धो रही थीं, जबकि वृद्ध दूसरी मंजिल पर बने कमरे में बैठे थे। तभी पांच से अधिक बदमाशों ने उनके घर पर धावा बोल दिया। एक बदमाश वृद्ध के पास जबकि चार ने डौली पर हथियार तान दिए। उन्हें नीचे के कमरे में ले गए। वहां छोटे लाल और डौली के हाथ पैर बांध दिए। उनसे अलमारी की चाबी मांगी तो डौली ने विरोध कर दिया। इस पर उनकी पिटाई भी की गई। अलमारी के ताले तोड़कर बदमाशों ने छानबीन की लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। इस बीच मोहल्ले में सबमर्सिबल को ठीक करने के लिए मिस्त्री और श्रमिक पहुंच गए। इसके बाद बदमाश डौली के आभूषण और घर में रखी पांच हजार रुपये की नकदी लूट कर फरार हो गए। बदमाशों के जाने के बाद डौली ने चीखपुकार मचाई तो आसपास के लोग और श्रमिक आ गए। सूचना पर पिंकी और पुलिस फोर्स पहुंच गया। सीओ सिटी राजेश चौधरी, कोतवाल दक्षिण ने बदमाशों की तलाश के लिए घेराबंदी कराई लेकिन सफलता नहीं मिली। घटना से लोगों में दहशत है।
बड़ी वारदात की फिराक में थे बदमाश
डौली अग्रवाल की माने तो बदमाश किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। वह अभद्र भाषा का प्रयोग और मारपीट करते हुए बार-बार उस अलमारी की चाभी मांग रहे थे, जिसमें आभूषण रखे हुए थे। यदि श्रमिक नहीं आते तो वह बड़ी घटना को अंजाम देते।
घटना को लेकर क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश
थाने के सामने घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्वर्णकार के यहां पड़ी डकैती की सूचना पर व्यापारियों के साथ दुकानदार भी मौके पर पहुंच गए। घटना का विरोध करते हुए दुकानदारों का कहना था कि ऐसे स्थान पर अपराधी अंजाम देते रहे तो अन्य स्थानों पर कैसे सुरक्षा हो सकती है। जिस क्षेत्र में वारदात को अंजाम दिया गया, वहां पर 35 साल से एक साइकिल तक चोरी नहीं गई थी।
तीन दिन से की जा रही थी रैकी
क्षेत्रीय दुकानदारों की माने तो पिछले तीन दिन से बाइक सवार तीन युवकों की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही थी, हो सकता है कि वारदात को अंजाम देने के लिए उनके द्वारा ही क्षेत्र की रैकी की गई हो।
जांच के दायरे में करीबी
वारदात के बाद घटना के खुलासे में जुटी पुलिस का शक स्वर्णकार के करीबियों पर गहराता जा रहा है। सीओ सिटी राजेश चौधरी का कहना है कि वारदात के पीछे ऐसे व्यक्ति का हाथ है, जो स्वर्णकार के बारे में पूरी जानकारी रखने के साथ ही घर भी आता जाता हो। क्योंकि वारदात के बाद बदमाश दूसरे रास्ते से होकर गुजरे थे, जिसका रास्ता थाने की ओर खुलता है। बदमाशों को इसकी भी जानकारी रही होगी कि पिंकी दुकान कब जाता है और घर पर उनकी पत्नी किस समय अकेली रहती है। जिस समय वारदात को अंजाम दिया गया, उस वक्त बच्चे स्कूल में थे।