-एडीएम फिरोजाबाद ने चिकित्सा निदेशक आगरा को लिखा पत्र
-मंडलायुक्त आगरा को भी भेजी गई प्रकरण की रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिकोहाबाद। नलकूप की कोठरी में छिपाई गईं दवाओं के प्रकरण में जांच तेज हो चुकी है। चिकित्सा निदेशक आगरा को टीम गठित कर पूरे प्रकरण की जांच कराए जाने के लिए पत्र भेजा गया है। साथ ही एक पत्र मंडलायुक्त आगरा को भी भेजा गया है। इसके बाद इस मामले की जांच के दायरे में कई स्वास्थ्य अधिकारी एवं कर्मचारियों के आने की संभावना है।
मंगलवार को जिला संयुक्त चिकित्सालय के औषधि भंडार गृह में से चोरी-छिपे भारी मात्रा में दवाओं की सील पैक स्टॉक निकालकर पास में ही बनी नलकूप की कोठरी में छिपाया जा रहा था। जो कि मीडिया के कैमरों में कैद हो गया। इसके बाद स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। एक ओर जहां स्वास्थ्य अधिकारी इसे कबाड़ साबित करने में जुटे हुए थे, तो वहीं दूसरी तरफ मामला बढ़ता देख दस मिनट के अंतराल में ही नजर बचाकर नलकूप की कोठरी में रखी हुईं सभी दवाओं को गायब कर दिया गया था।
यह मामला समाचार पत्र में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद अफसरों ने संज्ञान लिया। जिला संयुक्त चिकित्सालय शिकोहाबाद के नोडल अधिकारी/अपर जिलाधिकारी अभिषेक कुमार सिंह ने भी गंभीरता से लिया है। बीते सोमवार को उन्होंने निरीक्षण के दौरान भंडार गृह से एक्सपायरी दवाओं का स्टॉक पकड़ा था। अब इस मामले की जांच के लिए चिकित्सा निदेशक आगरा से कमेटी गठित कर पूरे प्रकरण की जांच कराए जाने के लिए पत्र भेजा गया है। वहीं एक पत्र मंडलायुक्त आगरा के पास भी भेजा गया है।
वर्जन
हमने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया है। दवाएं आखिर नलकूप की कोठरी में क्यों छिपाई जा रही थीं। इसकी वजह अभी तक नहीं बताई गई है। हमने चिकित्सा निदेशक आगरा से कमेटी बनाकर इस प्रकरण की ठोस जांच करने के लिए पत्र भेजा है। वहीं मंडलायुक्त आगरा को भी पूरे प्रकरण की रिपोर्ट भेजी गई है।
अभिषेक कुमार सिंह
अपर जिलाधिकारी, फिरोजाबाद