फिरोजाबाद। कोरोना वायरस से निपटने के लिए शासन स्तर पर बड़े प्रयास किए जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण की आरटीपीसीआर जांच के लिए बीएसएल-2 लैब (वायो सेफ्टी लैब) बनकर स्थापित हो गई है। इसका ट्रायल भी सफल हो गया है। अब आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। जल्द ही जनपद में कोरोना संक्रमण की जांच बीएसएल-2 लैब में शुरू हो जाएगी। इसके बाद कोरोना की जांच का दायरा और बढ़ जाएगा।
कोरोना संक्रमण फैलने के बाद शासन ने जनपद के मेडिकल कॉलेज में बीएसएल-2 लैब बनवाने का निर्णय लिया था। पिछले कई महीनों से लैब बनाने का कार्य चल रहा है। यह लैब बनकर पूरी तरह तैयार हो गई है। इसका पहला ट्रायल भी डॉ. लेखा तुली के निर्देशन में सफल हो चुका है। पहले ट्रायल में 11 सैंपलों की जांच की गई थी, जो पूरी तरह सफल रही।
अब मशीन को पूरी तरह से चालू करने के लिए आईसीएमआर की हरी झंडी मिलने का इंतजार है। लैब का रिजल्ट आईसीएमआर को भेजा है। जो तय करेगी कि रिजल्ट ठीक है या नहीं। इसके बाद जनपद में भी रैपिट टेस्ट से कोरोना की जांच हो सकेगी। सीएमएस डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि लैब बनकर तैयार हो गई है। अब कुछ और प्रोसेस है। आईसीएमआर से अनुमति मिलने के बाद जांच प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। वहीं अभी जनपद में दो तरीके से जांच होती है।
कैसा होगा बीएसएल 2 लैब
मेडिकल कॉलेज में तैयार होने वाली बायोसेफ्टी लेवल टू लैब पूरी तरह से एडवांस है। लैब में संक्रमण का खतरा नहीं होगा। क्योंकि इसमें हवा फिल्टर होकर अंदर जाएगी और बाहर निकलेगी। क्योंकि इससे इंफेक्शन का खतरा नहीं रहता। यही नहीं इसमें हर जांच के लिए पूरी तरह से एयर प्रूफ अलग-अलग क्यूब बने होते हैं। विशेष पीपीई किट, गलब्स, फेस मास्क पहनकर ही लैब में जांच की जाएगी।