छत्तीसगढ़ के दुर्ग स्थित सीमा सुरक्षा बल कंपनी आठ में तैनात जवान जयसिंह यादव उर्फ मुन्ना का पार्थिव शरीर सोमवार को फिरोजाबाद के गांव नगला चित्तर पहुंचा तो लाड़ले के अंतिम दर्शन को भीड़ उमड़ी।
सेना के जवानों ने सलामी दी। भाई ने जैसे ही मुखाग्नि दी तो जब तक सूरज चांद रहेगा, जयसिंह तेरा नाम रहेगा नारे गूंजने लगे। ग्रामीणों ने परिवारीजनों को ढांढस बंधाया। एका नगर पंचायत के मजरा नगला चित्तर निवासी जरमन सिंह यादव के चार बेटे हैं। सबसे छोटा बेटा जय सिंह उर्फ मुन्ना सीमा सुरक्षा बल में 2009 में तैनात था।
आठ दिसंबर को 15 दिन के अवकाश पर घर आया था। छुट्टी के बाद 22 दिसंबर को ड्यूटी पर पहुंचा था। छत्तीसगढ़ से आए हेड कांस्टेबिल खजान सिंह राना ने बताया कि छुट्टी से वापस आते ही जयसिंह की हालत खराब हो गई थी। उपचार के लिए दुर्ग स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
पिता जरमन सिंह एवं मां सरला देवी जवान बेटे की मौत से बिलख रहे थे। पत्नी वंदना सिंह एवं भाइयों का हाल बेहाल था। ग्रामीण एवं रिश्तेदार महिलाएं ढांढस बंधा रहे थे। बड़े भाई सुशील ने मुखाग्नि दी। मैनपुरी सदर विधायक राजकुमार उर्फ राजू यादव, एका चेयरमैन मायादेवी, सपा जिला महासचिव शिव प्रताप यादव, गुड्डू यादव, पूर्व विधायक रामप्रकाश यादव समेत अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।