कई प्रमुख योजनाओं का नहीं मिला बजट, विभागों की झोली खाली
लोहिया गांव को मुख्य मार्गों से जोड़ने को शासन से नहीं मिला बजट
आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण,हैंडपंपों सुधार के लिए बजट की जरूरत
मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं पर भी धनाभाव में ब्रेक लग गया है। जल निगम, लोक निर्माण विभाग, मनरेगा, पेंशन आदि से जुड़े कार्यों के लिए खजाना खाली है। डा. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम्य विकास योजना का काम भी प्रभावित हो रहा है। वहीं सड़कों के लिए बजट अभी तक नहीं मिला।
प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गांवों के विकास के लिए डा. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम्य विकास योजना शुरू की है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में जिले के 24 गांव का चयन कर विकास कार्यों की जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों को सौंपी गई। इन 24 गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए 42 लाख की मांग पीडब्ल्यूडी विभाग ने भेजी लेकिन अभी तक फूटी कौड़ी तक नहीं मिली। पानी के संकट से निजात दिलाने के लिए जलनिगम ने दो करोड़ 13 लाख की मांग की लेकिन जिले को मात्र एक करोड़ रुपया मिला। तालाबों के सुधार के लिए 38.32 लाख के सापेक्ष अभी तक 16.69 लाख रुपये ही आवंटित किए गए। लोहिया गांव में सोलर लाइट लगवाने के लिए जिले को 70.96 लाख रुपये चाहिए लेकिन अभी तक मात्र 15.99 लाख रुपये मिले। मनरेगा योजना में 60.71 लाख के सापेक्ष 39.56 लाख मिला। निशुल्क बोरिंग की धनराशि तक पूरी नहीं मिली। लोहिया गांवों के में पिछड़ा वर्ग की छात्रवृत्ति 1.43 लाख, अल्पसंख्यक की 41 हजार, सामान्य वर्ग की 3.56 लाख, अनुसूचित जाति के 4.40 लाख की धनराशि तक का इंतजार है। वहीं वृद्धावस्था पेंशन, विधवा, विकलांग एवं समाजवादी पेंशन के पात्रों को प्रथम किश्त ही आवंटित हो सकी है। हालांकि सितंबर माह तक दूसरी किश्त आवंटित होनी थी।
मुख्यमंत्री की घोषणा वाली सड़कों को बजट का इंतजार
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने फीरोजाबाद जिले में आगमन के दौरान जिले की सड़कों के सुधार एवं चौड़ीकरण करने की घोषणा की थी। पीडब्ल्यूडी विभाग के प्रांतीय खंड, निर्माण खंड ने मिलकर करीब सवा दो अरब का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था लेकिन बजट नहीं मिला। पीडब्ल्यूडी विभाग के प्रांतीय खंड के एक्सईएन श्रीराज का कहना है कि मुख्यमंत्री की घोषणा वाली सड़कों के लिए धनराशि अभी तक नहीं मिली है। विभाग के साथ-साथ डीएम की ओर से शासन को पत्र भेजा है।
लोहिया गांव एवं मुख्यमंत्री की घोषणा वाली सड़कों के लिए बजट कितना मिला और कितना नहीं? की समीक्षा करेंगे। प्रयास किया जाएगा कि शासन से अधिक से अधिक बजट को हासिल कर विकास कार्य कराए जाएं।
सर्वेशचंद्र यादव
प्रभारी सीडीओ फीरोजाबाद