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जन्मे प्रभु, बरसे रतन अपार

Sun, 08 Feb 2015 11:18 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
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सुहागनगरी में रविवार की भोर कुछ खास थी। सूर्य की पहली किरण के साथ ही लोग झूमने लगे। बधाइयां गाई जा रही थी। लोग पीडी जैन कॉलेज परिसर स्थित बनाई गई अयोध्या नगरी में कतारबद्ध होकर प्रभु के दर्शनों की लालसा लिए करबद्ध खड़े थे। वहीं तीर्थंकर का जन्म होते ही सौधर्म इंद्र का सिंहासन कंपायमान हो उठा। इंद्र अपने दल बल और इंद्राणी शची के साथ प्रभु के दर्शनों के लिए अयोध्या नगरी पहुंचे और रत्नों की वर्षा होने लगी।  मातारानी से तीर्थंकर प्रभु को पाने के लिए याचना करते-करते सौधर्म इंद्र नतमस्तक हो गए। भगवान की जय-जयकार होने लगी। इसके बाद ऐरावत हाथी पर सौधर्म इंद्र श्रीजी को पांडुक शिला पर न्हवन के लिए ले गए। उनके साथ-साथ सभी इंद्र इंद्राणी और हजारों भक्तों का कारवां नसिया जी मंदिर से श्री छदामी लाल जैन मंदिर की ओर चले तो पूरा रास्ता महामंत्र णमोकार से गुंजायमान हो उठा।


भगवान के जन्म की उद्घोषणा के साथ झूम उठे भक्त
पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में प्रात: काल से ही पीडी जैन कालेज परिसर स्थित बनी अयोध्या नगरी में भक्तों की भीड़ पहुंचना शुरू हो गई। प्रभु के जन्म की उद्घोषणा होते ही लोग झूमने लगे..। जयकारे लगाने लगे, बधाइयां गाई जाने लगी। इधर, भगवान का जन्म होते ही इंद्र का आसन कंपायमान हो उठा। वह इंद्राणी शची को लेकर भगवान के बाल रूप के दर्शनों को पहुंच गए। इंद्राणी शची जब बालक आदि कुमार को लेकर आई तो इंद्र अपनी गोद में लेने को उतावले हो गए।
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जब भी मौका मिले धर्म करें:  वसुनंदी महाराज
आचार्य वसुनंदी महाराज ने कहा कि आज का दिन अनुपम है। भगवान के पंच कल्याणकों में जन्म कल्याणक का विशेष महत्व है। पांडुक शिला पर भगवान का अभिषेक देखने और आनंद लेने से असंख्यात कर्मों की निर्जरा होती है। भव्य जीव ही भगवान के कल्याणक को देख पाता है। पांचों कल्याणकों में से सिर्फ इसी कल्याणक में तीनों लोकों में हलचल होती है। आचार्य श्री ने आह्वान किया कि जब भी मौका मिले धर्म कार्य अवश्य कर लें।

झांकियों ने मोह लिया मन
जन्माभिषेक यात्रा का शुभारंभ नगर आयुक्त रामौतार रमन ने किया। आधा दर्जन बैंडबाजों के साथ बड़ौत से आई हुई झांकियां सबका मन मोह रही थी। इनमें माता के सोलह सपने, टीले का रहस्य, अष्ट कु मारियां, देवियां, भगवान महावीर का प्रकटीकरण, भगवान का पालना आदि मुख्य थी। इनके पीछे बग्गियों पर सभी इंद्र अपनी इंद्राणियों के साथ बैठे थे। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मानो समूचा इंद्रलोक प्रभु के बाल स्वरूप के दर्शन के लिए जमीन पर उतर आया होगा। सबसे अंत में श्वेत ऐरावत हाथी पर सौधर्म इंद्र अपनी शची इंद्राणी के साथ सवार होकर सभी को अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे।

जगह-जगह आरती पुष्प वर्षा
जगह-जगह बालक आदिकुमार की आरती उतारी गई और फूलों की वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। वीरेंद्र भदावर परिवार ने प्रमुख पदाधिकारियों का मोतियों की सुंदर माला पहनाकर स्वागत किया गया। छदामी लाल जैन मंदिर में सौधर्म इंद्र द्वारा प्रतिष्ठाचार्य के मंत्रोच्चारण के बीच बालक आदिकुमार का अभिषेक किया गया। शोभायात्रा में महोत्सव समिति के संयोजक अरुण जैन, ललतेश जैन, अध्यक्ष जितेंद्र जैन मुन्ना, कुलदीप मित्तल, अशोक जैन लाले, डा. महेंद्र जैन, सतेंद्र साहू, वीरेंद्र रेमजा,  विजय देवता, मनोज खेड़ा, चंद्रप्रकाश जैन, अशोक भदावर, देवेंद्र मामा, आदि उपस्थित थे। जलेब संयोजक महेंद्र कटपीस, धीरेश जैन, के.के.जैन, सुनील जैन यात्रा की व्यवस्था संभाले थे।

समिति ने पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य का किया सम्मान
शनिवार को मुख्य अतिथि के रूप में झांसी से पधारे पूर्व केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, सिविल जज सत्यजीत पाठक और यूपी रत्न बालकृष्ण गुप्ता का पंचकल्याणक महामहोत्सव समिति ने स्वागत सम्मान किया। पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि जैन मुनि चलते फिरते तीर्थकर हैं। इनका सम्मान स्वयं भी करें और युवा पीढ़ी से भी कराते रहें। रात्रि सामूहिक आरती में भक्तों ने भावविभोर होकर नृत्य किया।
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आज निकलेगी आदि कुमार की बारात
पंच कल्याणक महोत्सव समिति के महामंत्री कुलदीप मित्तल जैन एडवोकेट ने बताया कि 9 फरवरी को जन्म कल्याणक की पूजा होगी। पौने नौ बजे आचार्य श्री के मंगल प्रवचन होंगे। दोपहर एक बजे बजे महाराज ऋषभ देव का दरबार लगेगा। युवराज आदि कुमार की बारात निकाली जाएगी। अपराह्न तीन बजे पर दीक्षा विधि, दीक्षा संस्कार होंगे।


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