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Firozabad News: यमुना नदी में उतराता तीन दिन से लापता किसान का शव, घाट पर खड़ी मिली साइकिल

Mon, 16 Sep 2024 06:45 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

सुहागनगरी में तीन दिन से लापता किसान का शव यमुना नदी में उतराता मिला। उसकी साइकिल घाट पर खड़ी मिली। 
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अस्पताल में परिवार के लोग, सर्वेश की फाइल फोटो - फोटो : संवाद
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में किसान का शव गुदाऊंशाला से 40 किलोमीटर दूर नसीरपुर के पास यमुना नदी में उतराता हुआ मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने उसकी शिनाख्त की। शिनाख्त होने के साथ परिवार में चीख पुकार मच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को जिला अस्पताल भेज दिया। परिजनों का कहना है कि बारिश के कारण फसल के बर्बाद होने के कारण आत्मघाती कदम उठाया है।

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घटना लाइनपार थाना क्षेत्र के ढोलपुरा गांव की है। गांव निवासी किसान सर्वेश (55) ने किराए पर खेती लेकर उसमें फसल बोई थी। बारिश के कारण फसल बर्बाद हो गई थी। परिजनों की मानें तो इसके कारण वह काफी आहत था। 12 सितंबर की साइकिल लेकर घर से कहीं चला गया था। उसकी परिजनों ने काफी खोजबीन की। लेकिन कोई पता नहीं चलने पर परिजनों ने थाना लाइनपार में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 

इसके बाद भी परिजन सर्वेश की खोजबीन में जुटे थे। 13 सितंबर को उसकी साइकिल गुदाऊं की शाला के पास मिली थी। इसके कारण सर्वेश के यमुना नदी में कुदने की आशंका थी। यमुना नदी में खोजबीन के लिए पीएसी की गोताखोर टीम को बुला लिया था। टीम ने काफी दूर तक खोजा, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका। 

रविवार को देर शाम करीब 40 किलोमीटर दूर नसीरपुर क्षेत्र के मुबारकपुर में यमुना नदी में एक शव उतराता दिखाई दिया। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को जिला अस्पताल भेज दिया। परिजन ने पोस्टमार्टम गृह पहुंचकर किसान की पहचान सर्वेश के रूप में की। शव देखकर परिजन बिलखने लगे। 

जानकारी पर किसान नेता प्रेम अतुल यादव अपने साथियों के साथ जिला अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने जिला प्रशासन से पीड़ित किसान की मदद कराए जाने की मांग की है।इधर थाना प्रभारी ऋषि कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंप दिया है। 
 
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मृतक सर्वेश जबरन अपना खेत बेचना जा रहा था। इसका उसके घर वाले विरोध कर रहे थे। इसी बात पर विवाद हुआ था। इससे वह घर से नाराज होकर चला गया था। एक साल पहले भी वह यमुना में कूदा था। तब उसे बचा लिया गया था।
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