होली की दौज के दिन सुबह से विवादों का दौर शुरू हो गया था। पल पल में कई ग्रामीण इलाकों से पुलिस के पास झगडों की सूचनाएं आती रही। वहीं कुंजपुर रोड पर हुऐ सपा-भाजपा समर्थकों के विवाद के कारण पुलिस को सीआरपीएफ तैनात करनी पड़ी। वहीं एक सीमेंट व्यापारी को हिरासत में लेने पर व्यापारियों ने थाने का घेराव कर नारेबाजी की।
चौकी अरांव स्थित भारौल में दो पक्ष आपस में भिड़ गये जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंच कर विवाद शंात करा दिया। वहीं कुंजपुर रोड पर सपा और भाजपा के समार्थक अपने अपने नेताओं के नारे लगाने लगे और दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची सीआरपीएफ बल ने जब लाठियां फटकारना शुरू किया तो हंगामा कर रहे युवक मौके से भाग खडे हुए। वहीं कुछ लडके कुंजपुरा रोड निवासी राघवेंद्र धाकरे के घर में घुस गये और अंदर से कुंदी लगा ली। यह देख पुलिस ने दरबाजे खुलवाने का प्रयास शुरू कर दिया। काफी देर बात राघवेन्द्र धाकरे और उनके भाई ने जब दरवाजा खोला तो पुलिस ने उन्हे हिरासत में ले लिया। वहीं मौके पर मौजूद एक सीमेंट व्यापारी मोनू जैन को भी पुलिस ने शांती व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस ने उन्हे हिरासत में ले लिया। मोनू को पुलिस के हिरासत में लिये जाने की खबर जब शहर में फैली तो सैकडों व्यापारी एकत्रित होकर थाने पर पहुंच गये और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। वहीं भाजपाइयों का आरोप था कि पुलिस एक तरफा कार्यवाही कर रही है। नगर के मनोज जैन, निर्मल जैन, सोनी शिवहरे आदि ने जब थानाध्यक्ष को बताया कि इस पूरे मामले से हिरासत में लिये व्यापारी मौनू जैन का कोई वास्ता नहीं है। स्थिति को बिगडता देख इंस्पेक्टर सिरसागंज बृजवीर सिंह ने व्यापारियों की मांग को सुनते हुए दोनों मोनू और के साथ अन्य पक्षों को भी हिदायत देते हुऐ रिहा कर दिया।