साधु की हठ के बाद भागवत कथा कलश यात्रा के साथ शुरू
- 11 दिवसीय भागवत कथा कराने को छह दिन तप पर बैठ रहे बच्चा बाबा
संवाद न्यूज एजेंसी
टूंडला। थाना नगला सिंघी के गांव भीकनपुर में श्रीमद्भागवत कथा कराने के लिए तप पर बैठे साधु की हठ पर ग्रामीणों को आखिर झुकना पड़ा। 11 दिवसीय भागवत कथा के लिए शनिवार को कलश यात्रा निकाली गई। इसी के साथ साधू के पैर पखार कर उन्हें कलश यात्रा में ले जाया गया। कलश यात्रा के साथ ही गांव में भागवत कथा शुरू हो गई।
यमुना तलहटी के गांव भीकनपुर स्थित शिव मंदिर के महंत बच्चा बाबा सोमवार सुबह मंदिर के निकट चिल-चिलाती धूप व गर्मी में भागवत कथा कराने के लिए तप पर बैठ गए थे। ग्रामीणों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया था, लेकिन वह हठ पर अड़े रहे। उन्होंने मौन रहते हुए अन्न भी छोड़ दिया था। साथ ही एक हफ्ते में भागवत कथा शुरू न होने पर तप स्थल पर ही समाधि लेने का ऐलान कर दिया था।
शुक्रवार को ग्रामीण कथा कराने के लिए सहमति बनी तथा नारियल लेकर धूप में तप पर बैठे बाबा को भागवत में आमंत्रित करने के साथ ही उठाने का प्रयास किया था। इतना ही नहीं थाना पुलिस ने भी उन्हें उठाने का प्रयास किया था, लेकिन भागवत कथा शुरूहोने तक वे नहीं माने। शनिवार को गांव में कलश यात्रा से पूर्व ग्रामीण उन्हें लेने पहुंचे। ग्रामीणों ने तप पर बैठे बाबा के पैर पखारते हुए स्नान कराया तथा पीतांबर उठाते हुए तप से उठाया तथा कलश यात्रा में शामिल किया।
कलश यात्रा में कथा वाचक देवकी नंदन शर्मा ने ग्रामीणों को कलश का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी शुभ कार्य से पहले घट स्थापना आवश्यक है। कलश यात्रा गांव में भ्रमण करने के बाद भागवत कथा स्थल पर पहुंचकर समाप्त हुई। कलश यात्रा में रामदत्त, होतम सिंह, अशोक कुमार, ओमपति, रामनरेश, राजवीर, महावीर सिंह, विनोद कुमार, महाराज सिंह, सुरेश कुमार, सर्वेश कुमार बनवारी लाल, पूरन सिंह, गंगाराम, चरन सिंह, गया प्रसाद, प्रेम शंकर, गुमान सिंह व ओमप्रकाश आदि का विशेष सहयोग रहा।