विद्या संबर्द्घिनी धर्मशाला में लाइंस क्लब ने बेटी बचाओ एवं महिला सशक्तिकरण अभियान पर एक गोष्ठी का आयोजन किया। गोष्ठी में मंडलाध्यक्ष ने कहा कि महिलाएं यदि जागरूक हो जाएं तो कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाई जा सकती है। कन्या भ्रूण हत्या के लिए सबसे ज्यादा दोषी स्वयं महिला और चिकित्सक होते हैं। इस अवसर पर तीन सशक्त महिलाओं को सम्मानित किया गया।
उन्होंने कहा कि महिलाएं आज भी अपने हक और अधिकार से वंचित हैं और समाज के सामने घुटने टेक देती हैं। यदि महिलाएं अपने अंदर इच्छा शक्ति पैदा करें कि वह कन्या भ्रूण हत्या नहीं होने देंगी तो ऐसा कभी नहीं होगा। डाक्टर देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि शिक्षा के अधिनियम के तहत हर बच्चे को जो कि छह से 14 वर्ष तक है अनिवार्य शिक्षा के तहत किसी भी स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर सकता है। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों को भी समाप्त करने की बात कही। इस अवसर पर तीन सशक्त महिलाओं कम उम्र में विधवा होने के बाद तीन बच्चों को अपनी मेहनत से अधिकारी बनाने पर शारदा त्यागी को, 22 साल की उम्र में बीएससी एमएड विजय धनगर जिला पंचायत सदस्य चुने जाने पर एवं अविवाहित रहते हुए पूरे परिवार की परवरिश करने वाली वंदना जैन का सम्मान किया गया। इस अवसर पर लाइन महिलाओं ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संकल्प लिया। कार्यक्रम में एसएस नंदा, डीएन वसीन, राजीव जौहरी, अध्यक्ष प्रदीप शर्मा, डा. संजीव जैन, सचिव रंजीत सिंह जादौन, संदीप श्रीवास्तव, आलोक उपाध्याय, बीएस कटियार, सुरेश श्रोत्रितय, सुरेन्द्र नौहवार आदि ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन अल्पना शर्मा ने व धन्यवाद ज्ञापित डा. डीएन गुप्ता ने किया।
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