आगरा-लखनऊ ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का मुआवजा बांटने में मनमानी की गई। किसानों से बैनामा तो चार बीघा का कराया लेकिन मुआवजा साढ़े तीन बीघा का दिया। कई किसानों को बैनामा कराने के दो एवं तीन माह ही बीत गए लेकिन फूटी कौड़ी तक नहीं मिली। किसान खुद कभी तहसील तो कभी मुख्यालय के चक्कर लगाने को ही विवश हैं। गैर आबाद भूमि में आबादी दिखाकर किसानों को अधिक भुगतान के मामले में अभियोग दर्ज कराया जा चुका है। अधिकारी इस मामले में प्रदेश में सत्ता बदलने के बाद ही जाग सके, जबकि जांच 2015 में पूरी कर ली गई थी।
ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे की जिले में 38.4 किलोमीटर लंबाई है। तत्कालीन सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए ही 32 गांवों के करीब 5200 किसानों से 410.0721 हेक्टेयर भूमि ली गई है। हालांकि नगला गुलाल के किसानों ने सैफई की तर्ज पर मुआवजा देने की मांग को लेकर विरोध किया था। काफी किसानों ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। लेकिन प्रशासन ने जबरन भूमि को कब्जाने के साथ उनकी मुआवजा राशि न्यायालय में ही जमा करा दी थी। बछेला-बछेली गांव के 22 किसान सीधे न्यायालय की शरण में चले गए थे। इनमें 11 किसानों के तो भुगतान प्रशासन ने कर दिए थे, लेकिन 11 किसानों का तो भुगतान अभी तक नहीं हुआ। प्रशासन को शिकायत मिलने के बाद तत्कालीन डीएम विजय किरन आनंद ने हाईवे के किनारे भूमि को आबादी घोषित कराके अधिक मुआवजा ले लेने की शिकायत की थी। तत्कालीन एडीएम कर्मेंद्र सिंह व एसडीएम रवींद्र सिंह व बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी पुष्कर बाबू ने जांच की तो मामला उजागर हुआ। जांच रिपोर्ट 2015 में ही सौंप दी। लेकिन यूपीडा के विशेष फील्ड ऑफीसर योगेश नाथ लाल ने तत्कालीन बंदोबस्त अधिकारी सहित 22 के खिलाफ अभियोग दर्ज कराया था।
किस गांव की कितनी ली गई भूमि
हरगनपुर 16.0027 हेक्टेयर,गनपतपुर 14.0097,आलीपुर की 15.3763,खेड़ाखुर्द की 3.7723,असलैमपुर नगला कान्हर 8.5339,बाबेमऊ 12.1892,सुजुनीपुर 6.2602, बछेला बछेली 8.0480,सिकंदरपुर 9.1200,मुबारिकपुर गुढ़ा में 3.1284 हेक्टेयर, फतेहपुरकर्खा 7.5860,फतेहपुर नसीरपुर 9.3787 हेक्टेयर,सुजावलपुर 10.9838 हेक्टेयर, जहानाबाद वीरई की 23.6069 हेक्टेयर,कठफोरी 7.5349, भदान46.6958,गलपुरा 9.5516 हेक्टेयर, गढ़रौली 6.8434, धनपुरा 15.1926,हैबतपुर कर्खा 7.1482,परियर 10.1878, दुंदपुर 7.5127,गोसपुर 15.4784,सैमरा अतीकाबाद 6.0484,उरावर हस्तर्फ 18.4445,गुढ़ा 15.6146,दतावली 30.2827,हरदासपुर निस्फी 17.4658, सिकेहरा हरदास पुर 3.0790,भीकनपुर आनंदीपुर8.3416,जलालपुर24.5740,कठफोरी3.3140, बछेला-बछेली 8.7660 हेक्टेयर भूमि जाएगी।
भूमि अधिक ली,मुआवजा काफी कम दिया
कठफोरी (ब्यूरो)। किसानों ने खुद ही प्रशासन की हकीकत को उजागर किया है। अमर उजाला के प्रतिनिधि ने किसानों को टटोला तो उनकी बातें जुबान पर आ गईं।
बछेला निवासी रामेश्वर दयाल राठौर ने बताया कि गाटा संख्या 219 में चार हिस्सेदार थे। तीन को डेढ़-डेढ़ बीघा के हिसाब से मुआवजा दिया। कृष्णकांत निवासी कठफोरी की गाटा संख्या 178 मार्च में बैनामा करा लिया लेकिन भुगतान आज तक नहीं मिला। वहीं गाटा संख्या 240 में 36 लाख का भुगतान होना शेष है। सहदेव सिंंह ने कहा कि गाटा संख्या 330 में चार बीघा भूमि ले ली लेकिन मुआवजा साढ़े तीन बीघा का दिया। ये हमारे साथ अन्याय है। बछेला निवासी राकेश कुमार का कहना है चार माह पूर्व बैनामा करा लिया था। पीडब्ल्यूडी रोड के किनारे की भूमि पर भी कृषि भूमि का मुआवजा लगाया जा रहा है। भुगतान अभी तक नहीं हुआ।