साक्षर भारत मिशन के अंतर्गत अर्द्धसाक्षरों की पहली परीक्षा सोमवार को हुई। साक्षर बनने के लिए प्रौढ़ वर्ग में भी खासा उत्साह नजर आया। परीक्षा केंद्राें पर पुरुषों से ज्यादा महिलाओं की संख्या रही। उड़नदस्ते भी परीक्षा केंद्रों का हाल जानने के लिए पहुंचे।
जनपद साक्षरता परीक्षा में लगभग 43, 507 परीक्षार्थी शामिल हुए। इनमें 27822 पंजीकृत महिलाओं के सापेक्ष 24, 839 महिलाओं ने परीक्षा दी। वहीं, 23,348 पुरुषों के सापेक्ष 18,666 पुरुष शामिल हुए। डीएम विजय किरन आनंद भी प्राइमरी नगला भाव सिंह एवं प्राइमरी खंजापुर में परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। निरक्षरों से बोर्ड पर नाम लिखवाकर प्रसन्नता व्यक्त की। वहीं, बीएसए बालमुकुंद प्रसाद ने भी प्राथमिक विद्यालय मोहम्मदाबाद का निरीक्षण किया। डिप्टी बीएसए तरुण कुमार, मुकेश कुमार ने भी निरीक्षण किया।
शिकोहाबाद ब्लाक रहा सबसे अव्वल
साक्षरता परीक्षा में फीरोजाबाद ब्लाक अव्वल रहा। पंजीकृत के सापेक्ष शिकोहाबाद में 92.77, अरांव में 91.48, एका में 90.9, फीरोजाबाद 77.1, हाथवंत 89.44, मदनपुर 73.68, नारखी88.21 और टूंडला में 79.64 प्रतिशत परीक्षार्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे।
डीएम साहब पढ़ने के लिए चश्मा भी दिलवाओ
प्राइमरी नगला भाव सिंह में परीक्षा देने आईं बुजुर्ग महिला ने डीएम से कहा कि साहब अब पढ़ना तो सीख गए। अब चश्मा भी दिलवा दीजिए। डीएम ने भी इस बात पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए जल्द चश्मा दिलवाने का भरोसा दिलवाया।
अधिकारी स्तर से हुईं गडबड़ियां
साक्षरता परीक्षा में कई शिक्षकों को परीक्षा के बारे में एबीएसए या एनपीआरसी द्वारा नहीं बताया गया। वहीं, परीक्षा संपन्न होने के बाद कॉपियां ब्लाक के वीडीओ कार्यालय पर जमा करने थी। लेकिन हाथवंत, शिकोहाबाद एवं नारखी क्षेत्र के कार्यालय बंद हो गए थे। इससे शिक्षकों को परेशानी हुई।