पेशी पर जाने से पूर्व जेल के अंदर बंदियों में मारपीट हो गई। इससे हड़कंप मच गया। अधिकार और बंदी रक्षकों ने किसी तरह मामले को शांत कराया। एक घायल बंदी को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
मटसेना के गांव सौरामगढ़ी निवासी लालू यादव पुत्र राजेंद्र यादव 24 मार्च 2012 को हुए संजय यादव हत्याकांड के आरोप में जिला कारागार की दस नंबर बैरक में बंद है। वहीं चोरी के आरोप में रामगढ़ निवासी गुलामनवी और गुलबसर चार नंबर बैरक में बंद हैं। तीनों आरोपियों की न्यायालय में पेशी होने के कारण बैरक से बाहर निकाला गया था। पुलिसकर्मी बंदियों को न्यायालय ले जाने के लिए जेल के गेट से बाहर निकालते तब तक लालू और गुलामनवी के बीच विवाद हो गया। इसके बाद जमकर मारपीट हुई। इसपर अन्य बंदियों ने हंगामा शुरू कर दिया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीएन पांडेय के साथ डिप्टी जेलर भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मामले की जानकारी की। वहीं लालू ने पेट में चोट लगने की बात कही तो वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने उसको सुरक्षा के बीच जिला अस्पताल भेज दिया। सीओ सिटी राजेश चौधरी का कहना है कि लालू के पेट का अल्ट्रासाउंड कराया गया था, जिसकी रिपोर्ट निल आई है।