यूपी बोर्ड हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा-2015 आज से शुरू हो
जाएंगी। जनपद के 177 केंद्रों पर यह परीक्षा सख्ती के साथ संपन्न कराई
जाएगी। हाईस्कूल परीक्षा में 49, 060 परीक्षार्थी भाग लेंगे। जबकि
इंटरमीडिएट में 37,784 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे।
गुरुवार सुबह 7.30
बजते ही हाईस्कूल की परीक्षा शुरू हो जाएगी। दोपहर की पाली में दो बजे से
इंटरमीडिएट की परीक्षा होगी। पहले दिन हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की हिंदी
विषय की परीक्षा अलग-अलग दो पालियों में होगी। बुधवार को सभी परीक्षा
केंद्रों पर व्यवस्थाएं होती दिखीं। चतुर्थश्रेणी कर्मचारी डेस्क स्लिप एवं
रोल नंबर सूची चस्पा करते दिखे। डेस्क स्लिप लगाने के बाद कमरों को बंद कर
दिया गया। एक दिन पूर्व ही छात्र छात्राएं केंद्र और क्लास रूम को देखने
के लिए पहुंचे। इधर-उधर परीक्षार्थियों को भटकना पड़ा। वहीं, जिला विद्यालय
निरीक्षक कार्यालय में भी हलचल दिखी। सभी कर्मचारी कार्य में जुटे दिखाई
दिए। ड्यूटी बदलवाने के लिए केंद्र पर्यवेक्षक भी पहुंचे। केंद्र
पर्यवेक्षकों को कैमरे भी कार्यालय से वितरण किए गए।
संकलन केंद्र पर भी तैयारी की गई
उत्तर
पुस्तिकाएं जमा करने के लिए डीएवी इंटर कालेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया
है। बुधवार को कर्मचारी संकलन केंद्र पर त्रिपाल बिछाते दिखे। वहीं, बिजली
फिटिंग भी संकलन केंद्र पर की जाती रही। संकलन केंद्र पर दोनों पालियों के
लिए अलग-अलग शिक्षकों की ड्यूटी लगाई है।
परीक्षाओं में नकल रोकने दौड़ेंगी टीमें
परीक्षाओं
में नकल रोकने के लिए टीमें पहले पेपर से ही दौड़ेंगी। छह उड़नदस्ते पुलिस
फोर्स, 29 सेक्टर मजिस्ट्रेट, पांच जोनल मजिस्ट्रेट परीक्षा केंद्रों का
दौरा करेंगे। जसराना, एका क्षेत्र में टीमें ज्यादा सक्रिय रहेंगी। खुफिया
विभाग भी परीक्षा केंद्रों पर निगरानी रखेगा। करीब तीन हजार कक्ष निरीक्षक
लगाए गए हैं।
रिजर्व में तैनात रहेंगे पर्यवेक्षक
विभाग 25
पर्यवेक्षकों को अपने पास रिजर्व में तैनात रखेगा। उनकी ड्यूटी आज से शुरू
हो जाएगी। जिनमें डायट प्रवक्ता, प्रधानाचार्य को शामिल किया गया है।
डीआईओएस रविंद्र कुमार ने बताया कि रिजर्व में इसलिए स्टॉफ रखा गया कि अगर
पहले दिन भी कहीं एफआईआर कराने की जरूर पडे़ तो परीक्षा प्रभावित ना हों।
रिजर्व पर्यवेक्षक को तैनात कर दिया जाएगा।
ड्यूटी करने के नाम पर बीमार पडे़ अधिकारी
जिन्हें
केंद्र पर्यवेक्षक बनाया गया है, वह एका और जसराना की तरफ जाने से घबराते
दिखे। ड्यूटी कटवाने के लिए आए एक केंद्र पर्यवेक्षक, डीआईओएस से कहने लगे
कि साहब बच्चे और पत्नी को वायरल फीवर है। इसलिए ड्यूटी हटा दो। इसी तरह
दर्जनों केंद्र पर्यवेक्षक ड्यूटी हटवाने के लिए कहते रहे।