शिकोहाबाद। केसीसी लोन चुकाने के बावजूद तत्कालीन शाखा प्रबंधक, फील्ड ऑफीसर एवं अन्य बैंककर्मियों ने मिलकर किसान के लाखों रुपयों की धोखाधड़ी कर ली। पीड़ित किसान ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत अन्य बैंककर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
गांव नगला बिलोटिया पोस्ट असुआ निवासी गिरीश चंद्र ने पांच वर्ष पूर्व 15 सितंबर को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से पांच लाख रुपये का केसीसी लोन लिया था। किसान के अनुसार इसका उसने एक्सिस बैंक के चेक के माध्यम से एक साल बाद 25 जून को भुगतान कर दिया था। जब उसने लोन चुकाने के बाद तत्कालीन शाखा प्रबंधक से अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगा, तो शाखा प्रबंधक किसान को खाता बंद करने का आश्वासन देते रहे। किसान जब वर्ष 2022 में केसीसी लोन के लिए बैंक ऑफ इंडिया सिरसागंज गया, तो वहां के शाखा प्रबंधक की बात सुनकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उस पर यूनियन बैंक का पांच लाख रुपये का लोन चल रहा था।
बैंक स्टेटमेंट के आधार पर किसान को जानकारी हुई कि धनराशि को जमा करने के बाद 2-3 बार में तत्कालीन शाखा प्रबंधक, फील्ड मैनेजर और कैशियर ने मिलकर उसके 5.45 लाख रुपये हड़प लिए। वर्तमान बैंक मैनेजर ने भी उसके समय का मामला न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। पीड़ित किसान ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक, फील्ड मैनेजर एवं कैशियर के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।