बैंकों में रविवार को अवकाश रहा तो एटीएम के भी शटर डाउन रहे। एसबीआई मैन ब्रांच को छोड़कर शहर के अधिकांश एटीएम शोपीस बन गए। कई एटीएम के दिनभर शटर डाउन रहे। वहीं जो खुले उनमें कैश नहीं था।
नोटबंदी के बाद कैश की समस्या दूर नहीं हो रही है। बैंकों से उपभोक्ताओं को पर्याप्त करेंसी नहीं मिल रही है। रविवार को बाईपास स्थित एसबीआई मैन ब्रांच के एटीएम पर सुबह से शाम तक उपभोक्ताओं की लंबी कतार लगी रही लेकिन एटीएम से भी मात्र दो हजार रुपये ही निकले। इसके अलावा गणेश नगर, जैन नगर, सुहाग नगर, आगरा गेट, गांधी पार्क, रानी वाला कंपाउंड, डाकखाना चौराहा, कोटला रोड, जलेसर रोड, स्टेशन रोड पर एटीएम शोपीस बने रहे। एटीएम में कैश न होने के कारण दिनभर लोग इधर-उधर भटकते रहे।
कोटला मोहल्ला निवासी माजिद का कहना है कि बैंक के कई चक्कर काटने के बावजूद पैसा नहीं मिल रहा है। एटीएम भी बंद पड़े हैं। सुबह से पैसा निकालने को इधर-उधर भटक रहे हैं लेकिन पैसा नहीं मिल पा रहा है। मोहल्ला शीशग्रान निवासी अयूब का कहना है कि हजार और पांच सौ रुपये के नोट बंद होने के बाद जरूरी काम के लिए भी पैसा नहीं है। एटीएम के चक्कर काट रहा हूं लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा है। सुहागनगर निवासी सौरभ जैन ने कहा कि नोटबंदी के कारण घर का सारा हिसाब बिगड़ गया। घर में खाने-पीने से लेकर दवा तक लाने को पैसे नहीं है। एटीएम भी बंद पड़े हैं, कहीं कोई इंतजाम नहीं है।