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रुपये निकालने के लिए बैंकों के बाहर लगी लाइनें

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साठफुटा रोड स्थित एसबीआई की एक शाखा पर रुपये निकलने के लिए लगी कतार - फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। लॉकडाउन के बीच जनधन खाते में आए रुपयों को निकालनेे के लिए बैंकों के बाहर शनिवार को भी भीड़ लगी रही। घर के सभी कामकाज छोड़कर महिलाएं सुबह से ही बैंक के बाहर लाइन लगाने के लिए पहुंच गई। किसी ने बच्ची को लाइन में खड़ा कर दिया था, तो कोई धूप से बचने के लिए चप्पलों को गोल घेरे के अंदर रखकर दूसरे स्थान पर खड़ी को गई। जिससे नंबर आने पर वह बैंक के अंदर प्रवेश कर सके।
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सर्वाधिक दिक्कत उन महिलाओं को हो रही थी। जिनका खाता शाखा के माध्यम से खोला गया था और वह बैंक से रुपये निकालने के लिए पहुंच रही थी। इस बीच बैंक कर्मचारियों द्वारा लगातार महिलाओं को सोशल डिस्टेंसिंग के लिए जागरुक करने के साथ ही एक-एक मीटर दूरी पर खड़ा होने के लिए कहा जा रहा था।
- बेटी और बेटा भी विकलांग है। उनके खाते में भी पैसा सरकार ने भेजा है। लेकिन बेटी अपने खाते से पैसे नहीं निकाल पा रही है। ऐसे में मेरे खाते में पैसे आ गए हैं। उनको निकालने के लिए सुबह सात बजे से लाइन में लगना पड़ा था। - रहीशा बेगम, नगला बरी सुपर गली निवासी
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- पिछले 15 दिनों से काम बंद है। घर पर न तो राशन है और न ही पैसे। ऐसे में पैसे निकालने के लिए आना पड़ा है। भीड़ इतनी है कि नंबर आएगा कि नहीं। इसको लेकर भी चिंता है। बच्चों को घर पर ही छोड़कर आना पड़ा है। - हसीना बेगम, रामगढ़ निवासी
- कम शाम को पता चला था कि खाते में पैसे आ गए हैं। इसलिए निकालने के लिए आए हैं। पता चलेगा कि कितना पैसा खाते में है। यदि पैसा मिल जाएगा तो काफी राहत मिलेगी। क्योंकि इस समय काम भी बंद पड़े हैं। इसलिए पैसे की दिक्कत हो रही है। - सायरा बेगम, रामगढ़ निवासी
- घर पर एक भी पैसा नहीं है। आसपास के लोग भी मदद करने को तैयार नहीं है। काम भी बंद पड़े हुए हैं। ऐसे में सरकार ने पैसा भेजकर जो मदद की है। वह काफी ठीक है। कम से कम कुछ तो काम चलेगा। - पूरन देवी, नगला मिर्जा बड़ा निवासी
दो साल के बेटे को लेकर पहुंची राधा
करबला निवासी राधा राठौर भी बच्चों को लेकर छिंगामल बाग स्थित बैंक पहुंची। राधा की गोद में लगभग दो साल का बेटा था। राधा ने बैंक के बाहर लगी लाइन को देख बेटी को नंबर में लगा दिया।
जबकि बेटे को गोदी में लेकर सड़क पर ही बैठने को विवश हो गई। जबकि कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रदेश सरकार द्वारा बच्चों के साथ बुजुर्गों को सावधानी बरतने के लिए कहा जा रहा है। जब राधा से जानकारी की तो उसका कहना था कि बेटा किसी के पास नहीं रहता। पैसे की जरूरत थी। इसलिए भीड़ के बीच बेटे को गोदी में लेकर पैसे निकालने के लिए आना पड़ा है।
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