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नहीं बनी बात, कई कारखानेदारों ने पॉट फर्नेस की बंद

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नहीं बनी बात, कई कारखानेदारों ने पॉट फर्नेस की बंद
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माउथ ब्लोइंग इकाइयों में चौथे दिन भी नहीं हुआ काम, गहराया संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। कारखानेदारों ने एक अप्रैल से कांच उत्पादों की दरों में वृद्धि कर दी है। इसकी वजह से उत्पन्न गतिरोध चौथे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। 12 माउथ ब्लोइंग इकाइयों में मंगलवार को भी दोनों शिफ्ट में काम नहीं चला। कई दिन से सप्लायर्स को वस्तु स्थिति समझाने के प्रयास में जुटे कारखानेदारों ने मंगलवार शाम से से गैस फर्नेस को बंद कर दिया।
माउथ ब्लोइंग इकाइयों में गत चार दिन से जारी गतिरोध मंगलवार की शाम तक बरकरार रहा। विभिन्न किस्म के कांच उत्पाद बनाने वाली 12 माउथ ब्लोइंग इकाइयों में उत्पादन प्रक्रिया ठप रही। हालांकि सोमवार को सहायक श्रमायुक्त व एसपी सिटी की मौजूदगी में हुई वार्ता के बाद कारखानेदार मंगलवार से काम लगने की उम्मीद में थे। वार्ता को सौहार्दपूूर्ण बताने वाले कांच उत्पादों के सप्लायर्स काम चलाने के लिए कारखानों में नहीं पहुंचे। सुबह और दोपहर की शिफ्ट तक काम चलने की उम्मीद में बैठे कारखानेदारों ने मंगलवार की शाम को अपने-अपने कारखानों में गैस फर्नेस को बंद करना शुरू कर दिया। कारखानेदारों द्वारा गैस फर्नेस बंद किये जाने से शहर के कांच उद्योग जगत पर संकट के बादल गहराना शुरू हो गए हैं।
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इन माउथ ब्लोइंग इकाईयों में चौथे दिन भी उत्पादन रहा ठप-
रचना ग्लास, फिरोजाबाद ब्लाक ग्लास,सीताराम,एडवांस ग्लास,श्याम ग्लास, हाईलाइट ग्लास, ब्राइट ग्लास,कॉरोगेशन ग्लास, एनआर ग्लास, इलेक्ट्रोनिक ग्लास, जगदम्बा ग्लास और एस.गोपाल इंडस्ट्रीज सहित कुल 12 माउथ ब्लोइंग इकाइयों में उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित रही।
वार्ता भी विफल
होटल पैराडोर में मंगलवार को हुई कारखानेदारों और सप्लायर्स की बैठक में भी कोई नतीजा नहीं निकला। बैठक में कारखानेदारों की ओर से अभिषेक मित्तल चंचल, पराग गुप्ता, संजय अग्रवाल, विपुल अग्रवाल, सप्लायर्स की ओर से छोटे यादव, कैलाश शर्मा, देवेद्र शर्मा, गगन सचदेवा, रोहित वर्मा, सतेद्र आदि मौजूद रहे।
सोमवार को सहायक श्रमायुक्त की मध्यस्थ में हुई बैठक के बाद हमें मंगलवार से काम चलने की उम्मीद थी। लेकिन सप्लायर्स और श्रमिक काम चलाने को कारखानों में नहीं पहुंचे।कारखानों में बेवजह गैस फुंक रही है। परिस्थिति वश में हमने अपने कारखाने में गैस फर्नेस को बंद कर दिया है।
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- अभिषेक मित्तल चंचल, सचिव द इंडस्ट्रियल कोआपरेटिव सोसायटी, माउथ ब्लोइंग इकाई के संचालक
- हमने मंगलवार को भी कारखानेदारों के साथ सहमति बनाने को वार्ता की। हम चाहते हैं कि कारखानेदार ज्यादा से ज्यादा पांच रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि कर लें। लेकिन वे 20 रुपये प्रति किलोग्राम से कम की बढ़ोत्तरी पर कतई तैयार नहीं हैं। हमने अपनी डाई कारखानेदारों को सौंप दी हैं।
- अशोक ठाकुर, अध्यक्ष, द सप्लायर्स एसोसिएशन
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