फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बजट से नहीं मिली उद्योग जगत को संजीवनी

Thu, 02 Feb 2017 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो फिरोजाबाद
विज्ञापन
बजट से किसानों के खिल गए चेहरे: बागपत के शुगर मिल में गन्ना लेकर पहुंचे किसानों ने जब मोबाइल पर आम बजट देखा तो उनके चेहरे खिल उठे। किसानों के चेहरे की मुसकान शायद यहीं कह रही है। वो बजट से संतुष्ट है। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
देश-विदेश में विख्यात सुहागनगरी को कांच उद्योग को बजट में कहीं जगह नहीं मिली। नोटबंदी के बाद से संकट के दौर से गुजर रहे कांच उद्योग को बजट से काफी उम्मीद थी लेकिन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए न गैस सस्ती हुई और न एक्साइज शुल्क में सर चार्ज में छूट मिली।
विज्ञापन

पर्यावरण मंत्रालय, टीटीजेड अथॉरिटी, एनजीटी की बंदिशों में कांच उद्योग ऐसा जकड़ गया है कि कहीं से राहत मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही। पिछले दो साल से यहां नई इकाइयां लगाने पर भी रोक लगा दी गई है। उद्योग लगाने को लिए उद्यमी दिल्ली से लखनऊ तक दौड़ रहे हैं, लेकिन अभी तक राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। नवंबर माह में हुई नोटबंदी ने कांच उद्योग की कमर ही तोड़ दी। कैश की गंभीर समस्या से दर्जनों कारखाने बंद हो गए, जिससे हजारों श्रमिकों को रोजगार छिना। केंद्र सरकार के आम बजट से उद्यमियों को पूरी उम्मीद थी कि उद्योगों को चलाने के लिए सस्ती गैस दी जाएगी। कच्चा रॉ मैटेरियल सस्ता होगा लेकिन उद्यमियों को निराशा ही हाथ लगी है।

ये बोले उद्यमी
एक्सपोर्टर राहुल गर्ग का कहना है कि नोटबंदी के बाद से एक्सपोर्ट उद्योग काफी प्रभावित हुआ है। उद्योग जगत को केंद्र सरकार के आम बजट से काफी उम्मीदें थीं लेकिन बजट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं किया, जिससे एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिले।
विज्ञापन


उद्यमी हनुमान प्रसाद गर्ग का कहना कि केंद्र सरकार ने कांच उद्योग को कोई राहत नहीं दी। बजट में कोई ऐसे प्रावधान नहीं किए गए, जिससे स्मॉल इंडस्ट्रीज को बढ़ावा मिल सके। नए उद्योग लगाने एवं रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया।

उद्यमी अजय सिंघल का कहना है कि बजट से लघु और कुटीर उद्योगों को उम्मीद थी कि कोई बड़ी राहत दी जाएगी। टैक्स छूट सीमा का उद्योग को अधिक लाभ नहीं मिलेगा। एक्साइज शुल्क में सर चार्ज में राहत दी जाती तो विदेशी उत्पादों से कांच उद्योग मुकाबला कर सकता था। अन्य घोषणाओं को देखें तो बजट दूरगामी लाभ देने वाला है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें