श्रमिक बस्ती लेबर कालोनी के भवन स्वामियों ने सोमवार को किराया जमा न करने पर श्रम विभाग में सोमवार को हंगामा कर दिया। विभाग में तैनात बाबू पर हजारों रुपये सुविधा शुल्क लेने और उत्पीड़न के आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने बाबू को तत्काल निलंबित करने की मांग की।
भाजपा महानगर अध्यक्ष कन्हैयालाल गुप्ता के नेतृत्व में लेबर कालोनी में दर्जनों भवन स्वामी सुबह श्रम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सहायक श्रमायुक्त नदीम अहमद से कहा कि 2015, 16 में किराया जाम हुआ है तो 2017 में किराया क्यों नहीं जमा होगा? भवन स्वामियों का आरोप था कि विभाग में तैनात बाबू देवेंद्र किराया जमा नहीं करता। वह किराया जमा करने के लिए भी सुविधा शुल्क मांगता हैं। यदि हम मकान में एक ईंट भी लगाते हैं तो बाबू पैसे मांगने पहुंच जाता है। पैसे न देने पर तरह-तरह की धमकियां देता है। कई लोगों ने 10 से 20 हजार तक सुविधा शुल्क लेने की बात कही। बाबू की कार्यप्रणाली से आक्रोशित लोगों की मांग थी कि उक्त बाबू के खिलाफ जांच कर उसे तत्काल निलंबित किया जाए तथा सभी का किराया जमा किया जाए। मौके पर विकास वाजपेयी, अनीस भोला, पंकज भारद्वाज, सुरेंद्र राजपूत, शमीम बेगम, हीरालाल, नूर मोहम्मद, खूबचंद्र, जयप्रकाश आदि रहे।
आवंटन किसी के नाम, रहते हैं दूसरे लोग
लेबर कालोनी श्रमिकों के लिए बसाई गई थी लेकिन कालोनी में श्रमिकों के स्थान पर 70 प्रतिशत ऐसे हैं लोग रहते हैं, जिसमें क्वाटर दूसरे के नाम आवंटित हैं। क्वाटरों में रहने वाले लाखों में दूसरे व्यक्ति को क्वाटर बेच कर चले जाते हैं। इन क्वाटरों में अवैध रूप से रहने वालों को विभाग द्वारा आजतक नोटिस तक जारी नहीं किए गए। मामले में किसी अधिकारी, कर्मचारी के खिलाफ कोई कार्रवाई तक नहीं हई।
तुम्हारा क्वाटर कैंसिल हो गया है, 29 दिन में खाली कर दो
मौके पर मौजूद मिथलेश जैन, विजय लक्ष्मी, शमीम बेगम का कहना था कि हम लोग अपने क्वाटरों में वर्षों से रह रहे हैं। बाबू द्वारा महीनों से किराया जमा नहीं किया जा रहा है। जब भी हम किराया जमा करने जाते हैं तो वह हमें धमकी देता है कि तुम्हारा क्वाटर निरस्त हो गया है।
कोट
मूल आवंटी, वारिसान एवं जिन लोगों के स्टे हैं, उनका किराया जमा कराया जा रहा है। क्वाटर स्वामियों की शिकायत पर दोषी बाबू के खिलाफ जांच कराई जाएगी। एक सप्ताह के अंदर बाबू के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
नदीम अहमद, सहायक श्रमायुक्त