फीरोजाबाद। विवाद और मारपीट की सूचना पर पुलिस की लापरवाही ने सांप्रदायिक तनाव को जन्म दिया। गणेश विसर्जन यात्रा में झगड़े की सूचना पर भी पुलिस नहीं चेती और कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर दबंग शालू उर्फ अनवार के हौसले बुलंद हो गए और उसने वारदात को अंजाम दिया। यही नहीं वह भाग कर थाने पहुंच गया। गणेश विसर्जन के बाद लेबर कालोनी में हुआ गोलीकांड पुलिस प्रशासन की लापरवाही का ही परिणाम रहा। हथियारों के तस्कर शालू पर पुलिस समय रहते शिकंजा कसती तो शायद विवाद सांप्रदायिकता का रुप नहीं लेता।
क्षेत्रीय लोगों की माने तो लेबर कालोनी में सजे गणेश पंडालों पर सुरक्षा के नाम पर पुलिस प्रशासन ने कोई इंतजाम नहीं किए थे। शनिवार को पुलिस और प्रशासन ने गणेश विसर्जन यात्रा में सुरक्षा का खाका खींचा लेकिन वह सिर्फ कागजों में ही सिमट गया। रविवार को जब शोभायात्रा निकलने का क्रम जारी हुआ तब भी पुलिस सड़कों और संवेदनशील क्षेत्र से गायब थी। इसी बीच लेबर कालोनी ही नहीं शहर के अन्य इलाकों में भी छुटपुट नोंकझोंक हुई। बता दें कि अबीर गुलाल पड़ने पर आक्रोशित लेबर कालोनी निवासी शालू का गोलू पुत्र अजय से विवाद हुआ था। इस पर क्षेत्रीय लोगों ने पुलिस को मामले की जानकारी दी और कार्रवाई की मांग भी की। लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इसके चलते आरोपियों हौसले बुलंद हो गए और उन्होंने पंचायत के दौरान गोलू के चाचा रमेश पांडेय को गोली मारकर घायल कर दिया। जिस आरोपी पर गोली चलाए जाने का आरोप लगाया गया है वह हथियारों का तस्कर बताया गया है।
पुलिस सूत्रों की माने तो शालू का आपराधिक इतिहास है। उसको वर्ष 2011 के माह सितंबर, अक्तूबर में एसओजी प्रभारी नरेंद्र सिंह ने टूंडला स्टेशन से बिहार के मुंगेर जिले में बनी करीब 25 पिस्टलों सहित गिरफ्तार किया था। जेल से छूटकर आए शालू की गतिविधियों पर क्षेत्रीय पुलिस द्वारा कोई नजर भी नहीं रखी गई थी। इसका परिणाम आज पुलिस के सामने आ गया। अनवार ब्याज पर पैसे भी उठाता है। उसने मोहल्ले के कई लोगों को पैसा दे रखा था और वसूली के लिए मारपीट भी की।
तुरंत दूसरे थाने भेजा
गोलीकांड को अंजाम देकर भाग रहे आरोपी को पकड़ने के लिए लोगों ने घेराबंदी की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। इस दौरान वह थाना लाइनपार पहुंच गया। थाने पहुुंचे आरोपी को भी पुलिस ने आनन फानन में कड़ी सुरक्षा के बीच दूसरे थाने भेज दिया।
भाजपा और सपा नेता भी पहुंचे
लेबर कालोनी में हुए सांप्रदायिक तनाव की सूचना पर नगर विधायक मनीष असीजा के साथ कई हिंदूवादी नेता पहुंचे। सदर विधायक मनीष असीजा ने तत्काल मामले की जानकारी आईजी और कमिश्नर को दी और कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यह निंदनीय घटना है, थाने से चंद कदम की दूरी पर वारदात पुलिस की लचर कार्यप्रणाली का परिणाम है। इसके अलावा डा. अखिलेश शर्मा, सौरभ गर्ग, सत्यवीर गुप्ता के अलावा सपा नेता राज नारायन गुप्ता उर्फ मुन्ना के साथ अन्य नेता भी मौके पर पहुंच गए थे।
अधिकारियों ने किया कैंप, पुलिस और पीएसी तैनात
सांप्रदायिक तनाव की सूचना पर एसपी सिटी उदय शंकर सिंह, सीओ सिटी राजेश चौधरी, नगर मजिस्ट्रेट रविंद्र सिंह के साथ, कोतवाल दक्षिण, रामगढ़, रसूलपुर, मटसेना, नगला सिंघी के साथ कई थानों का पुलिस बल पीएसी के साथ पहुंच गया। यहां अधिकारी थाने में कैंप किए हुए थे, वहीं पुलिस क्षेत्र में गश्त कर रही थी।