स्वकर को लेकर विधानसभा में मामला उठनेे, सांसद द्वारा पूरी रिपोर्ट तलब
करने के बाद नगर निगम बैकफुट पर आ गया है। निगम द्वारा स्वकर की दरें
संशोधित कर शासन को पत्र भेजा है।
नगर निगम बनने का तोहफा सुहागनगरी की जनता को स्वकर टैक्स के बोझ के रूप में झेलना पड़ रहा था, जिसका
जनप्रतिनिधियों,
व्यापारियों व आमजन द्वारा विरोध किया जा रहा था। शहर में लगातार विरोध
प्रदर्शन, पुतला दहन किए गए। नगर विधायक मनीष असीजा ने विधानसभा में मामला
उठाया। संयुक्त सचिव सुधीर सिंह चौहान ने भी अधिक टैक्स वसूलने के संबंध
में रिपोर्ट तलब की थी। सांसद के निर्देश पर नगर निगम द्वारा स्वकर
निर्धारण की नई दरें रिवाइज कर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। वहीं शहर की
जनता से 20 अप्रैल तक आपत्तियां मांगी गई हैं।
कई महानगरों से अधिक हैं संशोधित दरें
स्वकर
के मामले में भले ही नगर निगम द्वारा आगरा से तुलनात्मक परीक्षण करने के
बाद स्वकर निर्धारण की संशोधित दरें लागू करने की बात कही जा रही लेकिन
सूत्रों का कहना है कि यह भी प्रदेश के कई महानगरों से अधिक हैं।
स्वकर निर्धारण से हटाया गया अपार्टमेंट टैक्स
नगर
निगम द्वारा स्वकर निर्धारण की नई दरें रिवाइज करने के बाद अपार्टमेंट
टैक्स कर स्वकर की प्रक्रिया से हटा दिया है, क्योंकि अपार्टमेंट पर टैक्स
लागू करना नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में नहीं था। जबकि पूर्व में मनमाने
रूप से अपार्टमेंट पर भी भारी-भरकम टैक्स लागू किया गया था।
नगर
निगम द्वारा स्वकर निर्धारण की नई दरें रिवाइज कर शासन को पत्र भेजा गया
है। स्वकर की नई दरें लागू होने के बाद जनता पर 50 प्रतिशत तक टैक्स का बोझ
कम हो जाएगा।
प्रमोद कुमार, उपनगर आयुक्त
असीजा ने खड़े किए कई सवाल
स्वकर
को लेकर नगर निगम द्वारा शासन को भेजे गए संशोधित प्रस्ताव पर नगर विधायक
मनीष असीजा ने कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा संशोधित प्रस्ताव में भी
कई श्रेणियों में टैक्स लखनऊ, आगरा, कानपुर, बनारस जैसे महानगरों से काफी
अधिक है। उन्होंने कहा अभी लड़ाई का यह पहला पड़ाव है। जब तक शहर को मनमाने
टैक्स के बोझ से मुक्ति नहीं मिल जाती लड़ाई जारी रहेगी।