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स्वकर के विरोध में किन्नरों ने किया हंगामा, लगाया जाम

Thu, 01 Sep 2016 12:37 AM IST
Amar Ujala
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स्वकर के विरोध में किन्नरों ने किया हंगामा, लगाया जाम - फोटो : Amar Ujala
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- जनता से टैक्स वसूली के विरोध में गांधीपार्क से नगर निगम तक निकाला जुलूस
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टैक्स वसूली के विरोध में आंदोलन तेज होता जा रहा है। बुधवार को किन्नरों ने गांधीपार्क से जुलूस निकालकर नगर निगम पहुंचकर हंगामा किया। नगर आयुक्त से अधिक टैक्स वसूलने की शिकायत की। इसके उपरांत निगम के गेट के सामने जाम लगाकर हंगामा कर नारेबाजी की।
शासन की रोक के बावजूद नगर निगम द्वारा जनता से अवैध वसूली किए जाने के विरोध में लोक नागरिक कल्याण समिति द्वारा सत्याग्रह आंदोलन किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को किन्नरों ने गांधीपार्क से नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। कर्मचारियों के रोकने के बावजूद किन्नर जबरन कक्ष में घुस गए। उन्होंने कहा कि हम गरीब लोग हैं। पहले 500 रुपये टैक्स आता था, अब 15,000 टैक्स मांगा जा रहा है, हम इतना टैक्स कहां से देंगे। उन्होंने पानी की समस्या भी बताई। नगर आयुक्त ने टीम भेजकर जल्द समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद किन्नरों ने बाहर आकर निगम के गेट पर जाम लगाकर नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की।
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युवक को किया पुलिस के हवाले
किन्नरों के आंदोलन में युवक सुशील कुशवाहा निवासी मोहन नगर भी शामिल था। उसने नगर आयुक्त से कहा कि यहां गरीबों की नहीं अमीरों की सुनवाई होगी। नगर आयुक्त रामऔतार रमन ने पूरे मामले से डीएम, सिटी मजिस्ट्रेट को अवगत कराते हुए पुलिस फोर्स भेजने को कहा। नगर आयुक्त ने सुशील को पुलिस के हवाले कर दिया। आयुक्त ने कहा कि युवक नशे में था।

छठवें दिन भी जारी रहा सत्याग्रह आंदोलन
टैक्स वसूली के विरोध में लोक नागरिक कल्याण समिति द्वारा शुरू किया गया सत्याग्रह आंदोलन छठवें दिन भी जारी रहा। समिति अध्यक्ष सतेंद्र जैन सौली, कैलाश गुप्ता, ब्रजेश शर्मा, शिवशंकर गुप्ता, ममता जैन, गीता, आरती, विवेक अग्रवाल, पूजा कुशवाहा मौजूद थे।
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असीजा ने विधानसभा में उठाया सवाल  
 जनता से अवैध वसूली का मामला नगर विधायक मनीष असीजा ने बुधवार को विधानसभा में उठाते हुए कहा कि नगर विकास मंत्री द्वारा सदन में अनावासीय, व्यावसायिक परिसंपत्तियों पर कर वसूली रोकने के आदेश दिए गए थे। नगर विकास मंत्रालय द्वारा नियमावली न बनने तक वसूली स्थगित रखने के आदेश दिए हैं। इसके बावजूद नगर निगम के भ्रष्ट अधिकारी जनता का उत्पीड़न कर रहे हैं। अत: जब तक नई नियमावली नहीं बन जाती, तब तक अवैध वसूली को तत्काल रोका जाए।
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