सदर सीट से असीजा को फिर से कमल खिलाने का जिम्मा
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भाजपा प्रत्याशियों की सूची सोमवार को जारी होते ही चुनावी हलचल तेज हो गई। भाजपा ने सदर सीट से मौजूदा विधायक मनीष असीजा पर जहां फिर से दांव लगाया है, वहीं शेष चार सीटों पर नए चेहरे उतारे हैं। टूंडला से पूर्व सांसद एसपी सिंह बघेल, सिरसागंज से पूर्व मंत्री जयवीर सिंह, जसराना से रामगोपाल उर्फ पप्पू लोधी और शिकोहाबाद से डा. मुकेश वर्मा को टिकट दिया गया है।
सदर सीट से भाजपा ने मौजूदा विधायक मनीष असीजा को फिर से चुनाव मैदान में उतारा है। 2012 के चुनाव में सपा लहर में भी असीजा ने सदर सीट पर कमल खिलाया था। सोमवार की शाम को अधिकृत घोषणा होते ही उनके आवास पर समर्थकों की भीड़ जुट गई। यूं तो असीजा ने हाईकमान से संकेत मिलने पर एक सप्ताह पहले से ही क्षेत्र में जनसंपर्क शुरू कर दिया था। 2012 के चुनाव में असीजा को 74879 वोट मिले थे और सपा प्रत्याशी अजीम भाई को 72963 वोट मिले थे। वहीं, बसपा फीरोजाबाद से खालिद नसीर को पहले ही प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। 2012 के चुनाव में खालिद नसीर (बसपा) तीसरे स्थान पर रहे थे। कांग्रेस ने अभी कोई उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।
भाजपा ने उम्मीदवार चयन में शिकोहाबाद से चौंकाने वाला फैसला लिया है। दो महीने पहले बसपा छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए डा. मुकेश वर्मा को पार्टी ने टिकट दिया है। 2012 के चुनाव में मुकेश वर्मा बसपा की टिकट पर यहां से चुनाव लड़े थे। उन्हें यहां से 72,963 वोट मिले थे। यहां टिकट के दावेदारों की लंबी सूची थी। इनमें अधिकतर यादव थे। यादवों की बेल्ट पर डा. वर्मा को टिकट देकर भाजपा ने यहां निषाद कार्ड खेलने की कोशिश की है। सपा ने यहां से मौजूदा विधायक ओमप्रकाश वर्मा को प्रत्याशी बनाया है, जबकि मुलायम की सूची में पूर्व ब्लाक प्रमुख मीना राजपूत का नाम है। टिकट की कतार में लगे भाजपा के दिग्गज नेताओं को यहां तगड़ा झटका लगा है। हाथी की सवारी छोड़ने का यहां वर्मा को टिकट देकर भाजपा पुरस्कार दिया है।
जसराना विधानसभा सीट पर भाजपा हमेशा लोधे प्रत्याशी पर दांव लगाती आयी है लेकिन यहां भाजपा का अभी तक खाता नहीं खुला है। इस बार भाजपा ने बसपा छोड़ कर पार्टी में शामिल हुए रामगोपाल उर्फ पप्पू लोधी को टिकट दिया है। पप्पू लोधी 2012 में भी बसपा से यहां से चुनाव लडे़ थे। वे 74,804 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे थे। सपा के रामवीर यादव 1,04,440 वोट पाकर चुनाव जीते थे। सिरसागंज से भाजपा ने पूर्व मंत्री जयवीर सिंह को पार्टी ने प्रत्याशी बनाया है। जयवीर सिंह भी बसपा छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए हैं। 1198 में करहरा से प्रधानी का चुनाव जीत कर जयवीर सिंंह ने राजनीति की शुरूआत की थी। पहली बार 1993 में वह कांग्रेस की टिकट पर घिरोर विधानसभा चुनाव लड़े थे लेकिन हार गए थे। वर्ष 1998 में वह सपा से एमएलसी का चुनाव लडे़ लेकिन हार गए। 2002 में बसपा में शामिल हो गए। वर्ष 2003 में सपा-बसपा गठबंधन की सरकार के दौरान जयवीर सिंह ने विधायकों को तोड़ने का बड़ा दांव खेला था। बसपा से करीब 35 विधायकों को तोड़ कर सपा का समर्थन कर दिया था।
2014 का लोकसभा चुनाव भी उन्होंने फरूर्खाबाद से बीएसपी की टिकट पर लड़ा था लेकिन हार गए थे। लोकसभा चुनाव के बाद मोदी लहर में बसपा से उनका मोहभंग होने लगा और भाजपा में शामिल हो गए। नए परिसीमन में 2009 में ही सिरसागंज विधानसभा का गठन हुआ है। 2012 में पहला चुनाव यहां से सपा के हरिओम यादव 85517 वोट पाकर जीते थे। बसपा के जयवीर सिंह के पुत्र अतुल यादव चुनाव लडे थे उन्हें 45502