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उमस भरी गर्मी शुरु होते ही ओपीडी में दोगुने हुए मरीज, वार्ड फुल

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फिरोजाबाद। मौसम में बदलाव से स्वास्थ्य बिगड़ने लगा है। उमस भरी गर्मी शुरू होते ही ओपीडी में मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई हैं। वार्ड भी फुल हैं। सरकारी अस्पताल हो या फिर निजी अस्पताल। बीमारियां बढ़ने से मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। अधिकांश मरीज वायरल फीवर और डायरिया से पीड़ित हैं।
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सोमवार को मेडिकल कॉलेज में रजिस्ट्रेशन काउंटर से लेकर ओपीडी तक दोपहर तक भीड़ लगी रही। आम दिनों में जहां 400 से 600 मरीज आते थे, वहीं अब मरीजों की संख्या बढ़कर 1100 तक पहुंच गई है। मेडिसन विभाग में चिकित्सकों की ओपीडी के बाहर लंबी कतार लग रही हैं जबकि 20 पलंग का बच्चा वार्ड भी फुल रहा। वार्ड में भर्ती अधिकांश बच्चें डायरिया से पीड़ित दिखे। मौसम बदलाव के कारण बच्चों में निमोनिया, बुखार, स्किन एलर्जी के मरीज भी पहुंचे।
बारिश के बाद बढ़ता है बैक्टीरिया
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पुरुषोत्तम भाटिया ने बताया कि बारिश और मौसम में बदलाव के कारण बैक्टीरिया का असर ज्यादा बढ़ जाता है। दूषित जल के सेवन से पेट संबंधित बीमारियां होने लगती हैं। इसके अलावा तमाम कीटाणु, मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से संक्र ामक रोग बढ़ने का खतरा रहता है। पानी को उबालकर उसे सामान्य करके दें। रखी हुई खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
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क्या कहते तीमारदार
बच्चें को बुखार था। कई दिन दवा देते हुए हो गए, मगर बुखार नहीं उतर रहा। डॉक्टर साहब ने बाहर की दवा लिख दी और भर्ती कराया। बाहर से दवा लेकर आए हैं।
विनीता कुमारी, हिमांयूपुर
- बच्चें को डायरिया, बुखार है। डॉक्टर साहब के कहने पर वार्ड में भर्ती करा दिया। मगर स्टाफ ने बताया कि कोई ड्राप अस्पताल में नहीं है। इसलिए हम बाहर से खरीदकर लाए हैं।
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शिवानी, सुहागनगर
- बच्ची को डायरिया, पेट दर्द की शिकायत दो दिन से थी। घर में घरेलू उपचार किया, लेकिन आराम नहीं मिला। चिकित्सक ने अब अस्पताल में भर्ती किया है।
सत्यवती, नगला विष्णु
ऐसे बचे वायरल बीमारियों से
सब्जी, फल को धोकर प्रयोग करें। बासी खाने और पहले से कटे फलों को न खाएं।
- तली-भुनी और बाहर की चीजों के खाने से परहेज करें।
- बारिश में भीगने से बचें। भीगने के बाद बालों को सुखा लें। अस्थमा रोगी कतई बारिश में न भीगें।
- घर और छतों पर बारिश का पानी न रुकने दें।
- पानी को उबालकर रख लें। उसे ठंडा होने के बार उसका सेवन करें।
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