खतरनाक अपराधी पंकज जाट उर्फ भोला को पुलिस कस्टडी से छुड़ाकर ले जाने वाले 12 बदमाशों में कई के चेहरे पहचान लिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि यह दुस्साहसिक वारदात भरतपुर जेल में बंद अरुण फौजी के गैंग ने अंजाम दी है। पुलिस को यह भी पता चला है कि इन बदमाशों में आधे से ज्यादा हरियाणा के फरीदाबाद के हैं। उनके साथ एक अपराधी अलीगढ़ का भी बताया गया है।
अरूण कुछ समय पहले तक सुपारी किलर हरेंद्र राणा का साथी रहा है। उस समय भोला हरेंद्र के साथ था। बाद में हरेंद्र और अरुण में अनबन हो गई तो भोला ने पाला बदल लिया। अरुण का नेटवर्क हरियाणा में ही फैला हुआ है। इसके अलावा अलीगढ़ और बुलंदशहर में भी उसके गिरोह के बदमाश हैं। अरुण ने हरेंद्र के साथ रहते बदमाशों को पुलिस कस्टडी से छुड़ाना सीखा था। हरेद्र इस अपराध का माहिर है।
वह खुद भी पुलिस कस्टडी से भाग चुका है। इसके अलावा उसके गिरोह ने कई सिपाहियों की हत्या भी कर रखी हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मथुरा जेल में हरेंद्र और भोला साथ साथ बंद रहे हैं। तभी दोनों में दोस्ती हुई। इसके बाद भोला, अरुण फौजी के संपर्क में आया। पुलिस मालूम करने में जुटी है कि फौजी ने इस वारदात की प्लानिंग कब और कहां पर की। भरतपुर जेल में उससे मिलने गए लोगों के बारे में भी पड़ताल की जाएगी।
बदमाशों के स्केच बनेंगे - डीआईजी
आगरा। डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने बताया कि भोला को पुलिस कस्टडी से छुड़ाकर ले जाने वाले बदमाशों के चेहरे पहचान लिए गए हैं। यह भी पता चल गया है कि उनका ताल्लुक किस गैंग से हैं। चश्मदीद पुलिसकर्मियों की मदद से उनके चेहरों के स्केच तैयार कराए जाएंगे। इसके बाद उन पर ईनाम भी घोषित किया जाएगा।