नगर पालिका द्वारा व्यापारियों के प्रतिष्ठान, जो आवासीय मकानों में स्थित हैं, पर मनमाने ढंग से संपत्ति कर आरोपित कर वसूली के लिए आरसी जारी कर दी गई है। इसके विरोध में नगर के तीनों व्यापार मंडलों द्वारा संयुक्त रूप से पालिका के ईओ नंदलाल को ज्ञापन सौंपा गया।
व्यापारियों ने मांग की कि जारी की गई आरसी तत्काल वापस मंगाई जाये। किराए की दर निर्धारित करने के लिए व्यापार मंडल, अन्य संगठनों और आम जनता के प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त बैठक कर निर्धारण कराया जाये। व्यापारिक ओर आवासीय दोनों तरह से जिन भवनों का प्रयोग किया जा रहा है, उन्हें आवासीय मानकर उनका कर निर्धारण किया जाना सुनिश्चित हो।
प्रदेश सरकार द्वारा जब तक अनावासीय भवनों के लिए गुणक का निर्धारण न किया जाए, तब तक किसी भी गुणक का प्रयोग अनावासीय भवनों के लिए न किया जाए। ज्ञापन में तीन दिन में सम्यक रूप से विचार कर आम जनता को राहत पहुंचाने की मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों में व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष रमाशंकर गुप्ता, सुभाषचंद्र गुप्ता, रामनरायन मित्तल, अजय मित्तल, व्यापार मंडल (मिश्रा गुट) के अध्यक्ष योगेश गुप्ता, गोविंद प्रसाद अग्रवाल, विपिन उपाध्याय और उप्र संयुक्त व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष हरचरन सिंह चन्नी, बेबी आदि प्रमुख रहे।