अमर उजाला अपराजिता के तहत संगोष्ठी के दौरान काव्य पाठ् करती छात्रा कुमारी जागृति।
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फिरोजाबाद। अमर उजाला की अपराजिता मुहिम के तहत दाऊदयाल महिला महाविद्यालय में ‘प्रेमचंद के साहित्य में समाज’ विषय पर विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें 25 छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
संगोष्ठी में छात्रा प्रतीक्षा लहरी, कंचन बंसल और जागृति ने उपन्यास सम्राट प्रेमचंद के साहित्य व उनके समय के समाज में व्याप्त बुराइयों पर विस्तृत चर्चा की। 300 से भी अधिक कहानी लिखने वाले और साहित्य क्षेत्र में सर्वाधिक उपन्यासों का सृजन करने वाले प्रेमचंद के साहित्य में मानवीय संवेदना, नारी शिक्षा, विधवा विवाह, पुनर्विवाह, अनमेल विवाह, छुआछूत आदि पर विचार व्यक्त किए गए।
अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. विनीता गुप्ता ने की। उन्होंने मुंशी प्रेमचंद की साहित्य सृजनशीलता की परिपक्वता पर प्रकाश डाला। हिंदी विभागाध्यक्षा डॉ. छाया वाजपेयी ने प्रेमचंद की रचना धर्मिता पर विचार रखे। संचालन डॉ. माधवी सिंह और डॉ. अंजू गोयल ने किया। मुख्य अतिथि मनोविज्ञान विभागध्यक्षा डॉ. निशा अग्रवाल रही।
इस अवसर पर डॉ. शालिनी सिंह, डॉ. गरिमा सिंह, डॉ. नम्रता निश्चल त्रिपाठी, डॉ. पूनम मिश्रा, श्वेता अग्रवाल, अंशिका गुप्ता, मुदस्सीर जहां और अनुज अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।