फीरोजाबाद। करबला सरोवर में भुजरियां विसर्जन न होने पाए इसको लेकर रक्षाबंधन के मौके पर प्रशासन की ओर से चाक चौबंद व्यवस्थाएं की गई थीं। करबला सरोवर व उसके आस-पास के मकानों की छतों पर पुलिस फोर्स मुस्तैद दिखाई दिया। पुलिस एवं पीएसी के जवान सुबह से लेकर शाम तक हर गतिविधि पर नजर रखे हुए थे।
करबला सरोवर में भुजरियां विसर्जन को लेकर चला आ रहा विवाद कई वर्ष पूर्व लगभग समाप्त हो गया था। भुजरियां विसर्जन महोत्सव समिति को सुहागनगर सेक्टर दो में सरोवर बनाकर दे दिया गया है। ताकि इस क्षेत्र की महिलाएं वहां भुजरियां विसर्जन कर सकें। फैसले के बावजूद जिला प्रशासन इसलिए सावधानी बरतता रहा कि कहीं कोई विवाद न खड़ा हो जाए। प्रशासन ने शुक्रवार की शाम को बैठक भी की थी। डीएम विजय किरन आनंद व एसपी पीयूष श्रीवास्तव
ने करबला सरोवर की व्यवस्था को व्यापक पुलिस बल तैनात किया था। जयश्री चौराहे पर नगर मजिस्ट्रेट रवींद्र सिंह, सीओ सिटी राजेश चौधरी करबला सरोवर के साथ ही नगर में आयोजित होने वाले अन्य कार्यक्रमों को देखते रहे। सीओ टूंडला एसएस भारद्वाज व प्रभारी निरीक्षक उत्तर एवं दक्षिण पीएसी की टोली के साथ राष्ट्रीय श्रमिक स्कूल प्रांगण में डेरा डाले हुए थे। करबला गेट पर सीओ सदर जगदीश सिंह व पीएसी के साथ कई एसओ व एसएचओ मौजूद थे। आगरा लाइन से आए सीओ जगवीर सिंह, मथुरा जन्मभूमि सीओ जनक सिंह एवं सीओ जसराना शमशेर बहादुर सिंह, सीओ शिकोहाबाद श्यामकांत सिंह को भी तैनात किया था। सीओ सिटी ने कहा कि नगर में सुरक्षा के लिहाज से 27 एसओ इंस्पेक्टर दो कंपनी व एक प्लाटून पीएसी, कांस्टेबल एवं महिला पुलिस कर्मियों को तैनात किया है। फायर ब्रिगेड की टीम एवं ट्रैफिक के साथ अश्रुगैस की टीम भी मौजूद थी।