पत्नी की मौत के करीब आठ घंटे बाद ही क्षुब्ध युवक ने घर के समीप पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं युवक की पत्नी की मौत के मामले में मृतका के भाई ने ससुरालीजनों पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए रामगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
आगरा के बाह थाना क्षेत्र के गांव जोधपुरा निवासी बनवारी सिंह की पुत्री रुबी रामगढ़ के रविदासनगर नई आबादी सैलई में रहती है। रूबी के घर उसकी बहन सुमन का आना जाना था। इस दौरान मोहल्ले के ही धारा सिंह से सुमन के प्रेम संबंध हो गए। दोनों ने परिवारीजनों की अनुमति के बिना ही पांच माह पूर्व घर से भाग कर कोर्ट मैरिज कर ली। शादी के बाद धारा सिंह सुमन को लेकर मां और छोटे भाई अंकित से अलग दूसरे मकान में रहने लगा। सुमन के पास मायके पक्ष के लोग आते रहते थे। हालांकि धारा सिंह का अपने परिवारीजनों से वास्ता टूट गया। इसको लेकर धारा सिंह और सुमन के बीच विवाद होता था। विवाद के चलते शुक्रवार शाम करीब सात बजे सुमन ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। सुमन की मौत की खबर सुनकर धारा सिंह और उसके परिवारीजन घर छोड़कर भाग गए। उधर, धारा सिंह ने भी शुक्रवार देर रात ही घर से करीब सौ कदम की दूरी पर खड़े पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शनिवार सुबह शव को पेड़ से लटका देखकर लोगों ने धारा सिंह के परिवारीजनों को घटना की जानकारी दी। सूचनर पर परिवारीजन और पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर धारा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इधर, सुमन के परिवारीजन भी पोस्टमार्टम हाउस पर ही थे। पुलिस ने दोनों के शवों का पोस्टमार्टम करा परिवारीजनों को सौंप दिया। कोतवाल रामगढ़ अनिल कुमार का कहना है कि दंपति ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। मृतका के भाई की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
रामगढ़ पुलिस ने मृतका सुमन के भाई सोनू विमल जाटव निवासी जोधपुरा बाह की तहरीर पर धारा सिंह, उसके बड़े भाई मनोज, मां गीता देवी और मौसी मीना देवी के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। सोनू ने आरोप लगाया है कि उसकी बहन की हत्या दहेज की मांग पूरी न होने के कारण की गई है।
रुपये को लेकर चल रहा था दंपत्ति के बीच विवाद
धारा सिंह की मां गीतादेवी का कहना था कि वह लोग मूलरुप से जसराना के गांव सैमड़ी के रहने वाले है। वर्तमान में रविदासनगर नई आबादी सैलई रहते है। धारा सिंह ने समर बेचकर आठ हजार रुपये पत्नी सुमन को दिए थे। सुमन ने यह रुपये भाई और पिता को दे दिए। इसका विरोध धारा सिंह ने किया तो सुमन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। धारा सिंह दिल्ली में एक्सपोर्ट की एक कंपनी में नौकरी करता था। जो शादी से पूर्व छोड़कर घर आ गया था। उसके सात बेटे थे।
सात भाईयों में दूसरे नंबर का था धारा सिंह
धारा सिंह सात भाईयों के बीच दूसरे नंबर था। जबकि पांचवे नंबर के भाई सत्येंद्र की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। सबसे छोटा भाई अंकित मां के पास रहता है। जबकि शेष भाई दिल्ली में काम करते है।