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आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने किया प्रदर्शन, जुलूस निकाला

Sat, 24 Sep 2016 11:46 PM IST
Amar Ujala
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आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने किया प्रदर्शन, जुलूस निकाला - फोटो : Amar Ujala
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राज्य कर्मचारी का दर्जा अथवा 18 हजार रुपये दिया जाए मानदेय
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भ्रष्टाचार में लिप्त सीडीपीओ और सुपरवाइजर पर हो कार्रवाई

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने शनिवार को साधु वेश में प्रदर्शन किया। पीत वस्त्र धारण कर घंटा एवं शंख के साथ नारेबाजी की। विकास भवन से लेकर कलक्ट्रेट तक जुलूस निकाला। कार्यकत्रियों ने एलान किया कि मांगें नहीं माने जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। भ्रष्टाचार में लिप्त सीडीपीओ, सुपरवाइजरों के खिलाफ की मांग की गई।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश के प्रांतीय आह्वान पर कार्यकत्रियां शनिवार को प्रदर्शन में शामिल होने साधु वेश में पहुंचीं। विकास भवन के बाहर धरना प्रदर्शन कर जुलूस निकाला गया। विकास भवन से नारेबाजी करते हुए कार्यकत्रियां कलक्ट्रेट पहुंची। डीएम कार्यालय के बाहर भी नारेबाजी की गई। प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश शर्मा ने कहा कि कार्यकत्रियों की जायज मांगों को हल कराने की ओर शासन एवं प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। जिलाध्यक्ष आसमा कुलश्रेष्ठ ने कहा कि प्रशासन एवं शासन हमें राज्य कर्मचारी का दर्जा नहीं दे अथवा हमारा मानदेय 18 हजार रुपये किया जाए। भ्रष्टाचार में लिप्त सुपरवाइजर और सीडीपीओ के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने एलान किया कि मांगों को नहीं माने जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन में सुषमा, मोहिनी देवी, प्रमिला गुप्ता, आरती देवी, चंद्रकांती, हेमा सिंह, राधा देवी, सुनीता देवी, स्नेह लता, श्रद्धा, सुमन, गीता, सरोज देवी, सुबोध यादव आदि शामिल रहे।
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इधर, आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की ब्रह्मा देवी यादव और आशा सक्सेना ने 29 सितंबर को लखनऊ में होने वाले प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए जनसंपर्क किया। उन्होंने कहा कि शासन के समक्ष अपनी बात को प्रभावी ढंग से रखा जाएगा।


आशाओं ने किया मुख्यालय पर प्रदर्शन
मानदेय एवं राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की उठाई मांग
शहरी क्षेत्र की हटाई गई आशाओं ने भी मांगा अपना हक

आशा बहू संघ ने मानदेय की मांग को लेकर शनिवार को कलक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा हमारी मांगों पर शासन एवं विभाग गंभीरता से ध्यान दे। बिना किसी मानदेय के सेवा आखिर कब तक करेंगे। शहरी क्षेत्र की आशाओं ने समायोजन किए जाने की मांग की।
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आशा बहू संघ ने अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर शनिवार को प्रदर्शन किया। संघ के संरक्षक प्रेम प्रकाश कुशवाह ने कहा कि आशाएं बिना मानदेय के विभाग का काम सेवा भाव के तहत कर रहीं हैं। कल्पना पचौरी, मनीषा यादव ने कहा कि शासन को चाहिए कि हमारा मानदेय निर्धारित करें। ताकि हमारे परिवार का खर्च चल सके, लेकिन शासन की ओर से उन्हें फूटी कौड़ी तक नहीं मिली है। प्रदर्शन में वंदना शर्मा, सरिता, उर्मिला देवी, गीता देवी, संतोष देवी, रेशमा देवी, सुमन देवी, बसुंधरा देवी,अंजू, रेखा देवी आदि शामिल थीं। अखिल भारतीय आशा एवं फैसिलिटेटर कृत समिति के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में दिया गया। उन्होंने कहा कि 13 ग्राम सभाओं के शहर में शामिल होने के बाद तत्कालीन सीएमओ ने यह कहते हुए संबंधित आशा को हटाया था कि जब शहरी क्षेत्र में आशाओं की भर्ती होगी तो मौका दिया जाएगा। तभी से हम अपनी सेवाएं देते चले आ रहे हैं। उन्होंने कहाकि आशाओं को पूर्णकालिक काम करने की अनुमति दी जाए। समानता के आधार पर राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग की। रेखा देवी, गीता देवी, पूनम देवी, माया व्यास, संगीता देवी, संतोषी देवी, बबिता, ममता देवी, सोमवती, तारा देवी आदि रहीं।
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