फिरोजाबाद। सुहागनगरी में दिवाली की रात पटाखे खूब चले। इसका असर शहर की आबोहवा पर भी देखने को मिला। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार रात में शहर में रिहायशी और शांत इलाकों में ध्वनि प्रदूषण मानक से औसत बीस से तीस प्रतिशत अधिक रहा है। रिहायशी क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण 55 डेसिबल तक सामान्य माना जाता है, शनिवार की रात को यह 90 डेसिबल तक मापा गया है। शांत क्षेत्र में मानक 50 डेसिबल का है यहां 60.1 डेसिबल मापा गया है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष दिवाली पर रिहायशी इलाकों में दिन में 70.02 और रात में 82.6 डेसिबल ध्वनि प्रदूषण मापा गया था। इस साल रिहायशी इलाकों में ध्वनि प्रदूषण का स्तर दिन में अधिकतम 70.1 और रात में 90 डेसिबल हो गया। इस साल तेज आवाज के ज्यादा देर तक पटाखे चले। रिहायशी इलाके में रात में अधिकतम ध्वनि प्रदूषण 90 डेसिबल रहा। जबकि मानक के अनुसार रिहायशी इलाकों में प्रदूषण 55 डेसिबल तक सही माना गया है। इसी तरह मेडिकल कॉलेज जलेसर रोड़ को शांतिपूर्ण इलाका मानते हुए ध्वनि प्रदूषण मापा गया तो यहां रात में 60.1 डेसिबल मिला। जबकि शांतिपूर्ण इलाकों में 50 डेसिबल अधिकतम माना जाता है।
- औद्योगिक क्षेत्र में नगला भाऊ, रिहायशी इलाके में सुहागनगर, शांतिपूर्ण क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज जलेसर रोड़ और व्यवसायिक क्षेत्र में सदर बाजार में ध्वनि प्रदूषण की माप की गई। सभी जगह मानक से अधिक ध्वनि प्रदूषण पाया गया।
मनोज कुमार - क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
अलीगढ़ की टीम ने वायु प्रदूषण की माप की शुरू
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा वायु प्रदूषण की माप के लिए अलीगढ़ की संस्था को यहां बुलाया है। 14 नवंबर को शहर में आई अलीगढ़ की संस्था की छह सदस्यों की टीम के साथ दिवाली पर वायु में घुलनशील हानिकारक तत्वों के विश्लेषण का कार्य शनिवार से शुरू कर दिया। यह संस्था 16 नवंबर तक टीटीजेड एरिया में शामिल फिरोजाबाद की हवा का परीक्षण करेगी। संस्था ने वायु में घुलनशील हानिकारक तत्वों के विश्लेषण के लिए सुहागनगर सेक्टर दो स्थित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालय पर अपने यंत्रों को लगाया है।
इन हानिकारक तत्वों का करेगी परीक्षण
फिरोजाबाद की हवा में घुलनशील पीएम-10,एसओ-2,एनओ-2 के अतिरिक्त पटाखों की रोशनी से निकलने वाले तत्वों लेड, निकिल, आर्सेनिक एवं एल्युमिनियम तत्वों की जांच कर रही है। टीम 17 नवंबर को अपनी जांच रिपोर्ट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सौंपेगी।