केंद्रीय हज कमेटी द्वारा यूपी के हजयात्रियों का कोटा घटाने, हजयात्रा से
पूर्व कुर्बानी की रकम वसूलने, जमजम की मात्रा घटाने और सूटकेस अनिवार्य
करने का विरोध जिले के हजयात्रियों में दिखाई दिया।
नगर के मदीना कालोनी स्थित इस्लामिक सेंटर में शहर के मुफ्ती अब्दुल
अलीम ईसा ने कहा कि केंद्रीय हज कमेटी का कुर्बानी की रकम को पहले लेना
मुनासिब नहीं है। क्योंकि हज के अराकान करते समय कोई रुक्न आगे, पीछे होता
है तो हज में गड़बड़ी हो जाती है। केंद्रीय हज कमेटी के प्रदेश कोआर्डिनेटर
आलम मुस्तफा याकूबी ने कहा कि केंद्रीय हजकमेटी हज यात्रियों को सुविधाएं
देने के बजाय परेशान कर रही है। केंद्रीय हज कमेटी ने यूपी का कोटा 30668
से एक हजार कम कर दिया है। गुजरात का कोटा दोगुना कर दिया है।
कुर्बानी
की कीमत 490 रियाल देन, जम-जम की मात्रा दस से पांच लीटर करने और
परिवहन-भोजन की व्यवस्था खराब संस्था को सौंपने का विरोध किया। जिला हज
ट्रेनर अकरम मुस्तफा ने केंद्रीय हज समिति के निर्णय को खुली चुनौती बताया।
मुफ्ती तनवीर अहमद, शाही मस्जिद के इमाम हाफिज मोहम्मद आरिफ ने कहा
केंद्रीय कमेटी को अपना फैसला बदलना चाहिए। मौलाना राशिद इकबाल, मौलाना ताह
आदि ने भी विरोध किया।